किसान को फसल के समर्थन मूल्य देने में सरकार कर रही आना कानी किसान देश की रीढ़ की हड्डी होता है |
आज वही किसान अपनी फसल के पंजीयन बुकिंग के लिए दर दर भटक रहा है किसान की फसल के सरकार ने पहले से मूल्य तय करके खरीदी का वादा किया जिसमें किसान की फसल को सरकार खरीदे की जिसके लिए किसान को अपनी जमीन की फसल के लिए पंजीयन ( स्लाइड बूक ) करवानी पड़ेगी इस बात की हकीकत जब जानने के लिए न्यूज 100 न्यूज ने फंदा ब्लॉक वेयर हाउस का दौरा किया तो जमीनी हकीकत कुछ ओर सामने आई काला पीपल निवासी किसान सुमित ठाकुर ने अपना दर्द बताया मेरे पास 3 एकड़ जमीन है जिसमें 54 कुंटल अनाज पैदा हुआ |
मगर जब मैने पंजीयन बुक करवाया तो मेरी तीन एकड़ जमीन की कुल फसल 6 कुंटल बुक की गई जबकि में हर साल 54 कुंटल अनाज का पंजीयन करवाता आया हु अगर मामले की गहराई को विस्तार से समझना है तो सरकार के कुछ नियम जानना होंगे न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) सरकार द्वारा पूर्व निर्धारित दर पर किसानों से फसल खरीद की गारंटी है। उदाहरण स्वरूप, रबी विपणन सत्र 2026-27 में गेहूं के लिए MSP ₹2,585/क्विंटल और सामान्य धान के लिए 2025-26 के खरीफ सत्र में ₹2,369/क्विंटल तय किया गया है। यह सुनिश्चित करता है कि किसानों को उत्पादन लागत से कम मूल्य पर अपनी फसल बेचने की मजबूरी न हो।
सरकार ने समर्थन मूल्य पर खरीदी का किसान को लॉलीपॉप तो दे दिया मगर क्या किसानों को इस का लाभ मिल रहा या नहीं इस की मॉनिटरिंग के इंतजाम नहीं किए जिसकी वजह से किसान को कई दिक्कत का सामना करना पड़ रहा जैसे मध्यप्रदेश में किसानों की फसल की खरीदी की पंजीयन की प्रक्रिया शुरू की मगर उसमें 4 एकड़ जमीन के किसान का पंजीयन होगा बड़े किसान जिनके पास 4 एकड़ से ज्यादा जमीन है वो क्या करेंगे |
चार एकड़ जमीन के पंजीयन में भी पूरी फसल का पंजीयन नहीं किया जा रहा जैसा सुमित ठाकुर के साथ हुआ 3 एकड़ जमीन की 54 क्विंटल फसल में से सिर्फ 6 क्विंटल खरीदे जाएंगे अगर ऐसा किसानों के साथ होता है तो बाकी फसल उन्हें मजबूरन बिचौलिए को देना पड़ेगी
तो फिर इस योजना का फायदा किया ऐसी गड़बड़ी जाह किसानों की पूरी फसल का पंजीयन नहीं किया जा रहा सामने आ रही है
ऐसे में अधिकारी कहते हम कुछ नहीं कर सकते आपकी जमीन पर कितनी फसल उगी है उसमें कितनी फसल खरीदी जाएगी ये ऊपर से डिसाइड होता है | क्या अब किसान को अपनी उगाई हुई फसल का देना होगा सबूत मेरे खेत में कितना अनाज हुआ |
न्यूज बाय :
आजम लाला
सहयोगी जाहिद खान
