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Vedic Clock In Kashi Vishwanath: महाकाल की नगरी के बाद विश्वनाथ मंदिर में वैदिक घड़ी की स्थापना, मुहूर्त की मिलेगी सटीक जानकारी

उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थिति विश्व प्रसिद्ध श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में अब आध्यात्म, संस्कृति के साथ-साथ पंचांग की जानकारी भी श्रद्धालुओं को सुलभता के साथ उपलब्ध हो सकेगी. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने काशी वालों को एक खास भेंट वैदिक घड़ी के रूप में प्रदान की है जो विक्रम संवत नक्षत्र योग और सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक की समय अवधि प्रदान करेगी. इस मंदिर में स्थापित किया जा चुका है.

काशी में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा एक खास उपहार उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को प्रदान किया गया. बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन के बाद अब श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में भी वैदिक घड़ी को स्थापित किया जा चुका है. इसके माध्यम से भारतीय पंचांग, शुभ मुहूर्त, सूर्योदय, सूर्यास्त, ग्रह नक्षत्र की जानकारी और मौसम का सही विवरण प्राप्त किया जा सकेगा.

वैदिक घड़ी से नक्षत्र-मुहूर्त की सटीक जानकारी

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में पहुंच रहे श्रद्धालु बड़े ही उत्साह के साथ इस वैदिक घड़ी को देख रहे हैं. इस वैदिक घड़ी के माध्यम से श्रद्धालुओं को विक्रम संवत नक्षत्र योग तिथि और शुभ मुहूर्त के बारे में जानकारी प्राप्त हो सकेगी. इसके अलावा सबसे प्रमुख की तापमान हवाओं की गति सहित मौसम से जुड़ी जानकारी भी श्रद्धालु मंदिर परिसर से ही प्राप्त कर सकेंगे.

श्रद्धालुओं के लिए भी आकर्षण का केंद्र

इस वैदिक घड़ी को वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर में शंकराचार्य चौक पर स्थापित किया गया है. इसको मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालु बड़े ही उत्साह के साथ देख रहे हैं  . निश्चित ही यह भारतीय पारंपरिक काल गणना के अलावा खगोल विज्ञान को वर्तमान आधुनिक तकनीक के साथ आमजन तक पहुंचाने का बेहतर प्रयास है. आपको बता दें कि, श्री काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक है, यहां हर रोज बड़ी संख्या श्रद्धालुओं की भीड़ भगवान काशी विश्वनाथ के दर्शन के लिए आते हैं.

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