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UPSC Result 2025: परचून की दुकान चलाने वाले की बेटी आस्था जैन बनीं IAS, एक साल में इतनी सुधार ली UPSC रैंकिंग

UPSC Result 2025: यूपीएससी 2025 का रिजल्ट जारी कर दिया गया है. आस्था जैन की कहानी ने इस बात को साबित कर दिया है कि पक्का इरादा और लगातार कड़ी मेहनत से बड़े से बड़े सपने को भी पूरा किया जा सकता है. उत्तर प्रदेश के शामली जिले के छोटे से शहर कांधला से आने वाली आस्था ने यूपीएससी सिविल सर्विस परीक्षा 2025 में ऑल इंडिया रैंक 9 हासिल करके एक बड़ी कामयाबी को हासिल किया है. उनकी कामयाबी ने ना सिर्फ उनके परिवार को बल्कि पूरे राज्य को भी गर्व महसूस कराया है.

आईपीएस ऑफिसर से आईएएस का सपना 

आस्था जैन की कामयाबी को और भी खास बनाने वाली बात यह है कि वह पहले से ही एक इंडियन पुलिस सर्विस ऑफिसर के तौर पर देश की सेवा कर रही थीं. पिछली यूपीएससी परीक्षा में उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 131 हासिल की थी. जिससे उन्हें आईपीएस में जगह मिली. वह हैदराबाद में सरदार वल्लभभाई पटेल नेशनल पुलिस एकेडमी में ट्रेनिंग ले रही थीं. हालांकि पुलिस सर्विस में अपना करियर शुरू करने के बावजूद भी आस्था इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस ऑफिसर बनना चाहती थीं. उस लक्ष्य को पाने के लिए उन्होंने अपने मुश्किल पुलिस ट्रेंनिंग शेड्यूल के दौरान भी एग्जाम की तैयारी जारी रखी.

1 साल में रैंकिंग में बड़ी छलांग

आईपीएस की कड़ी फिजिकल ट्रेनिंग और यूपीएससी की तैयारी के बीच तालमेल बिठाना आसान नहीं था. इसके बावजूद भी आस्था लगातार पढ़ाई करने और अपनी स्ट्रेटजी को बेहतर बनाने में कामयाब रहीं. सिर्फ एक साल के अंदर ही उन्होंने अपनी रैंक में काफी सुधार किया. वे 131 से 9 तक पहुंच गई और यूपीएससी की मशहूर टॉप 10 लिस्ट में जगह बनाई. यह काफी बड़ा सुधार उनके डिसिप्लिन, फॉक्स और अपने सपने के प्रति उनके डेडीकेशन को दर्शाता है.

साधारण फैमिली बैकग्राउंड 

आस्था जैन की सक्सेस स्टोरी लगन और फैमिली सपोर्ट की भी कहानी है. उनके पिता कांधला में एक छोटी सी कन्फेक्शनरी की दुकान चलाते हैं. वह काफी मिडिल क्लास घर में पली बढ़ीं हैं. कम  रिसोर्स के बावजूद भी उनके परिवार ने हमेशा उनकी पढ़ाई और सपनों को सपोर्ट किया है.

शामली जिले में अपनी शुरुआती पढ़ाई पूरी करने के बाद आस्था ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के मिरांडा हाउस कॉलेज से हायर एजुकेशन ली. यह भारत के सबसे जाने माने कॉलेज में से एक है. उनके एकेडमिक सफर ने उनकी सिविल सर्विस की तैयारी की नींव रखी और यूपीएससी परीक्षा से जुड़े सब्जेक्ट की अच्छी समझ बनाने में मदद की. 

महंगी कोचिंग के बिना सफलता 

आस्था जैन के सफर की सबसे प्रेरणा देने वाली बातों में से एक यह है कि उन्होंने महंगे कोचिंग इंस्टिट्यूट पर भरोसा नहीं किया. इसके बजाय उन्होंने सेल्फ स्टडी, डिसिप्लिन में तैयारी और एक अच्छी तरह से प्लान की गई स्ट्रेटजी पर ध्यान दिया. बड़े कोचिंग सेंटर के सपोर्ट के बिना देश में टॉप 10 रैंक तक पहुंचाने की उनकी काबिलियत दिखती है कि पक्के इरादे और लगातार कोशिश करना कभी-कभी महंगे रिसोर्स से ज्यादा मायने रख सकता है.

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