उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव (UP Panchayat Chunav 2026) से जुड़ी खबर आ रही है. इलाहाबाद हाई कोर्ट ने ग्राम पंचायत चुनाव 2026 को लेकर राज्य चुनाव आयोग से तैयारी की जानकारी मांगी है. याचिकाकर्ता इम्तियाज हुसैन की तरफ से दाखिल याचिका पर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने यह सुनवाई की है.
याची ने इलाहाबाद हाई कोर्ट में याचिका दायर करते हुए यह निर्देश देने कि मांग कि थी कि प्रतिवादी जिला पंचायत का कार्यकाल समाप्त होने से काफी पहले संपूर्ण पंचायत चुनाव प्रक्रिया को पूरा करने के लिए एक विस्तृत और समय-बद्ध कार्यक्रम रिकॉर्ड पर प्रस्तुत करें.
कोर्ट ने सुनवाई करते हुए राज्य निर्वाचन आयोग से पूछा है कि क्या वो तय संवैधानिक समय सीमा के अंदर चुनाव प्रक्रिया पूरी कर पाएगा? याचिकाकर्ता ने कोर्ट में दलील दी कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 243E के प्रावधान के अनुसार पंचायत की अवधि उसकी पहली बैठक के लिए निर्धारित तिथि से 5 वर्ष तक जारी रहेगी और “इससे अधिक नहीं”.
उपचुनाव की अधिसूचना जारी करने की बात
वहीं, राज्य चुनाव आयोग के वकील ने यह दलील दी कि यूपी पंचायत राज अधिनियम, 1947 की धारा 12-BB के प्रावधानों के अनुसार यह राज्य सरकार का दायित्व है कि वह राज्य चुनाव आयोग के परामर्श से प्रधान के आम चुनाव या उपचुनाव की तारीख तय करने वाली अधिसूचना जारी करे.
कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद राज्य निर्वाचन आयोग से स्पष्टीकरण मांगा है कि क्या 19 फरवरी 2026 की मौजूदा अधिसूचना के आलोक में वो चुनाव संपन्न कराने की स्थिति में है. कोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग से पूछा है कि इस मामले के तथ्यों के अनुसार चुनाव 26 मई 2026 को या उससे पहले ही संपन्न हो जाने चाहिए थे.
25 मार्च को अगली सुनवाई
कोर्ट इस मामले में 25 मार्च को दोपहर दो बजे अगली सुनवाई करेगी. जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस सिद्धार्थ नंदन की डिविजन बेंच ने दिया आदेश.