दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा में हुई बड़ी चूक के मामले में अब जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है. सोमवार, 6 अप्रैल को गेट नंबर 2 से जबरन अंदर घुसी एक कार के जरिए हुई इस घटना में कई नई जानकारियां सामने आई हैं, जिनसे मामले को लेकर सुरक्षा एजेंसियां और सतर्क हो गई हैं.
घटना के समय विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता परिसर में पहुंचे ही थे. इसी दौरान एक अज्ञात कार परिसर में दाखिल हुई. कार चालक ने वाहन को स्पीकर की गाड़ी के पास रोका, नीचे उतरा और उसमें एक गुलदस्ता रख दिया. इसके बाद वह व्यक्ति वापस अपनी कार में बैठा और मौके से फरार हो गया.
चश्मदीदों और पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह कार करीब 5 मिनट तक विधानसभा परिसर के अंदर रुकी रही और फिर बाहर निकल गई. शुरुआती जानकारी में स्याही फेंके जाने की बात सामने आई थी, लेकिन बाद में पुलिस ने स्पष्ट किया कि मौके से ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है. गुलदस्ते की जांच भी की गई, जिसमें किसी प्रकार की विस्फोटक या संदिग्ध सामग्री नहीं पाई गई.
दिल्ली विधानसभा में कार घुसाने का मामला: बम धमकी से जुड़े तार? आरोपी हिरासत में
घटना के बाद दिल्ली विधानसभा परिसर के अंदर दिल्ली पुलिस के स्पेशल सीपी अनिल शुक्ला समेत वरिष्ठ अधिकारी, एफएसएल की टीम, क्राइम ब्रांच और इंटेलिजेंस ब्यूरो के तीन अधिकारी मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गए हैं.
गाड़ी की पहचान और मालिक का पता
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, जिस कार का इस्तेमाल किया गया, उसकी पहचान टाटा सिएरा के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश नंबर की है. जांच में सामने आया है कि यह गाड़ी पीलीभीत जिले के पूरनपुर तहसील क्षेत्र के निवासी सरबजीत सिंह के नाम पर रजिस्टर्ड है.
मालिक का नाम: सरबजीत सिंह
पिता का नाम: कुलवंत सिंह
पता: तहसील पूरनपुर, पोस्ट कजरी, निरंजनपुर सिंहपुर, थाना चांदपुर, जिला पीलीभीत (उत्तर प्रदेश)
मोबाइल नंबर: 9759300090
रजिस्ट्रेशन जारी होने की तारीख: 26 फरवरी 2026
बीते दिनों कहां-कहां गई गाड़ी?
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जांच में यह भी सामने आया है कि संदिग्ध कार पिछले कुछ दिनों में पंजाब के विभिन्न इलाकों में घूमती रही थी. इसके अलावा यह जानकारी भी मिली है कि घटना के समय कार चला रहे व्यक्ति ने अपना चेहरा ढक रखा था.
सूत्रों के अनुसार, हाल के दिनों में विधानसभा अध्यक्ष को कुछ धमकी भरे ईमेल भी मिले थे, जिनमें दिल्ली को खालिस्तान बनाने का जिक्र किया गया था. अब जांच एजेंसियां इस घटना को उन ईमेल्स से जोड़कर भी देख रही हैं.