Skip to content

UGC का आदेश: कैंपस बनेगा मेंटल हेल्थ फ्रेंडली, जानें पढ़ाई का दबाव कम करने की क्या है तैयारी?

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने यूनिवर्सिटी और कॉलेजों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं. इन निर्देशों का मुख्य उद्देश्य कैंपस को ऐसा वातावरण बनाना है जहां छात्र केवल पढ़ाई में ही नहीं बल्कि मानसिक, भावनात्मक और शारीरिक रूप से भी स्वस्थ रह सकें. यूजीसी का कहना है कि अगर छात्र अंदर ही अंदर तनाव और परेशानी झेल रहे हों तो किसी भी कैंपस को सफल नहीं माना जा सकता है. ऐसे में अब यूनिवर्सिटी को ऐसा माहौल बनाने के लिए कहा गया है जिसमें छात्र खुद को सुरक्षित महसूस करें, अपनी समस्याओं के बारे में खुलकर बात कर सकें और जरूरत पड़ने पर उन्हें सही सहायता मिल सके. तो आइए जानते हैं कि UGC के नए आदेश में पढ़ाई का दबाव कम करने की तैयारी क्या है?

क्या है पढ़ाई का दबाव कम करने की तैयारी?

नए दिशानिर्देशों में कहा गया है कि हर यूनिवर्सिटी के छात्रों के लिए एक सहयोगी और सकारात्मक वातावरण तैयार करना चाहिए, इसके लिए संस्थानों में संगठित काउंसलिंग सेवाएं उपलब्ध कराना जरूरी बताया गया है. अगर कोई छात्र भावनात्मक तनाव, पढ़ाई के दबाव या व्यक्तिगत समस्याओं से जूझ रहा है तो उसे पेशेवर सलाह और मदद आसानी से मिलनी चाहिए. इससे छात्र अकेलापन या डर महसूस नहीं करेंगे और अपनी परेशानियों को सही समय पर शेयर कर सकेंगे.

यूजीसी ने इस बात पर भी खास जोर दिया है कि काउंसलिंग के दौरान छात्रों की गोपनीयता पूरी तरह सुरक्षित रखी जाए. कई बार छात्र इस डर से अपनी समस्या नहीं बताते कि कहीं उनकी बात सार्वजनिक न हो जाए या लोग उनका मजाक न उड़ाए. इसलिए संस्थानों को ऐसी व्यवस्था बनाने के लिए कहा गया है जहां छात्र बिना किसी डर और झिझक के अपनी भावनाएं व्यक्त कर सकें.

जागरूकता कार्यक्रम और कार्यशालाएं

दिशानिर्देशों में यूनिवर्सिटी को समय-समय पर जागरूकता कार्यक्रम, कार्यशालाएं और चर्चाएं आयोजित करने की सलाह दी गई है. इन कार्यक्रमों का उद्देश्य छात्रों को मानसिक तनाव के लक्षण पहचानने और जरूरत पड़ने पर मदद लेने के बारे में जानकारी देना है. जब मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर बातचीत होगी, तब इसे लेकर समाज में मौजूद झिझक और डर भी धीरे-धीरे कम होगा. 

यह भी पढ़ें – 9 साल तक नहीं गए स्कूल, फिर बन गए इनोवेटर… कितने पढ़े-लिखे हैं सोनम वांगचुक

खेल और  फिजिकल एक्टिविटी को बढ़ावा

दिशानिर्देशों में यह भी कहा गया है कि खेलकूद और फिजिकल एक्टिविटी मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी हैं. इसलिए यूनिवर्सिटी को खेल सुविधाओं को मजबूत करने और छात्रों को नियमित रूप से खेलों में भाग लेने के लिए प्रेरित करना चाहिए. कैंपस में खेल प्रतियोगिताएं, फिटनेस कार्यक्रम और मनोरंजक गतिविधियां आयोजित की जा सकती हैं, जिससे छात्रों का तनाव कम होगा और उनका फोकस भी बढ़ेगा. 

मनोदर्पण पहल का उपयोग

यूजीसी ने संस्थानों से मनोदर्पण पहल का भी उपयोग करने की सलाह दी है.यह एक राष्ट्रीय कार्यक्रम है जिसका उद्देश्य छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों को मनोवैज्ञानिक सहायता प्रदान करना है. इस पहल के तहत हेल्पलाइन, ऑनलाइन संसाधन और काउंसलिंग सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं, जिन्हें यूनिवर्सिटी अपने सिस्टम से जोड़कर छात्रों को अतिरिक्त मदद दे सकते हैं. दिशानिर्देशों में सिर्फ छात्रों ही नहीं बल्कि शिक्षकों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर भी ध्यान देने की बात कही गई है. कई बार शिक्षकों पर भी पढ़ाने के साथ-साथ शोध और प्रशासनिक काम का काफी दबाव होता है. इसलिए संस्थानों को शिक्षकों के लिए भी स्वास्थ्य कार्यक्रम, काउंसलिंग सहायता और बेहतर कार्य वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रोत्साहित किया गया है. 

यह भी पढ़ें –  UPSC ने जारी किया CMS परीक्षा के लिए नोटिफिकेशन, जानें कब तक कर सकते हैं आवेदन?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *