राजस्थान के उदयपुर जिले के झाड़ोल इलाके के सैलाना गांव में शुक्रवार रात एक दिल दहला देने वाली घटना हुई. मोटरसाइकिल से जा रहे दो युवा दोस्तों को बदमाशों के एक समूह ने रास्ते में रोककर तलवारों और अन्य हथियारों से हमला कर मौके पर ही मार डाला.
बीच-बचाव करने की कोशिश करने वाला पास की किराना दुकान का मालिक भी इस हमले में गंभीर रूप से घायल हो गया. घटना के बाद गांव में भारी तनाव फैल गया और शनिवार को ग्रामीणों और मृतकों के परिजनों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर घटनास्थल पर जमकर विरोध प्रदर्शन किया.
रात 8 बजे मोटरसाइकिल से निकले थे दोनों दोस्त
पुलिस के अनुसार रिछवार गांव के रहने वाले सुरेश (25) पुत्र अमृत अहरी और भैरूलाल (27) पुत्र प्रभुलाल बडगोजा रात करीब 8 बजे मोटरसाइकिल से सैलाना की तरफ निकले थे. रास्ते में मोटरसाइकिल पर सवार बदमाशों के एक समूह ने उन्हें घेरकर रोक लिया और तलवारों तथा अन्य हथियारों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया.
दोनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई. बताया जा रहा है कि सुरेश बाघपुरा में एक फास्ट-फूड रेस्टोरेंट में काम करता था. दोनों की अचानक और दर्दनाक मौत की खबर से पूरे इलाके में सन्नाटा छा गया और परिवारों में कोहराम मच गया.
शोर सुनकर बीच-बचाव को आया दुकानदार
पास में किराने की दुकान चला रहे सुमित (30) पुत्र रूपजी ने शोर-शराबा सुना और दोनों युवकों को बचाने के लिए दौड़े. लेकिन हमलावरों ने उन पर भी हमला कर दिया जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए. एंबुलेंस से सुमित को झाड़ोल उप-जिला अस्पताल ले जाया गया जहां प्राथमिक उपचार के बाद आगे के इलाज के लिए उदयपुर रेफर कर दिया गया. उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है. शोर सुनकर गांव वाले मौके पर पहुंचे लेकिन तब तक सभी हमलावर फरार हो चुके थे.
बाघपुरा पुलिस मौके पर पहुंची, शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे
घटना की सूचना मिलते ही बाघपुरा पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया. ग्रामीणों की मदद से मृतकों की पहचान की गई और उनके परिवारों को घटना की सूचना दी गई. दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए झाड़ोल मुर्दाघर भेज दिया गया. थाना प्रभारी बाघपुरा वेलाराम ने बताया कि आरोपियों का पता लगाने के लिए पुलिस की कई टीमें गठित की गई हैं और जांच जारी है. अधिकारियों ने बताया कि जांच में इस बात की भी पड़ताल की जा रही है कि हमले के पीछे कोई पुरानी रंजिश तो नहीं है.
परिजन बोले – 50-50 लाख मुआवजा और सरकारी नौकरी दे सरकार
शनिवार को ग्रामीणों और मृतकों के परिजनों ने मौके पर जमा होकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की. परिजनों ने सरकार से मांग की कि दोनों मृतकों के परिवारों को 50-50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए और एक-एक सरकारी नौकरी भी दी जाए. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब तक आरोपी गिरफ्तार नहीं होते तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा.
6 थानों की पुलिस तैनात, पुरानी रंजिश की भी जांच
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में छह पुलिस थानों के पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है. SHO वेलाराम ने बताया कि आरोपियों तक पहुंचने के लिए सभी संभावित रास्तों पर जांच की जा रही है. पुलिस पुरानी रंजिश के एंगल से भी मामले की जांच कर रही है ताकि हमले की असली वजह सामने आ सके.