पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शनिवार (28 मार्च) को श्रीनगर में विरोध प्रदर्शन किया. उन्होंने बढ़ते टैक्स और यूटिलिटी चार्ज के कारण जनता पर बढ़ रहे आर्थिक बोझ पर गहरी चिंता जताई.
जानकारी के अनुसार, विरोध कर रहे पार्टी सदस्य शहर के अलग-अलग हिस्सों में जमा हुए. उन्होंने प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए और जनता की शिकायतों को उजागर करने के लिए तख्तियां ले रखी थीं. उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे समय में जब लोगों की आमदनी सीमित है. उन पर बिजली के बिल, पानी के शुल्क और म्युनिसिपल टैक्स का भारी बोझ डाला जा रहा है.
उपभोक्ताओं को बिजली के बढ़े हुए मिल रहे हैं बिल- खुर्शीद आलम
PDP के महासचिव मोहम्मद खुर्शीद आलम ने कहा कि मार्च का महीना खत्म होते-होते कश्मीर के लोगों के लिए एक ‘मुश्किल दौर’ बन गया है. उन्होंने घरों पर बढ़ रहे आर्थिक दबाव का हवाला दिया. उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को बिजली के बढ़े हुए बिल मिल रहे हैं, जबकि पानी की सप्लाई के लिए भी शुल्क वसूले जा रहे हैं. उन्होंने यह भी जोड़ा कि कई सरकारी कर्मचारियों को अभी तक उनकी तनख्वाह नहीं मिली है.
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बिजली माफी योजना बंद होने पर लोगों ने जताई निराशा
विरोध करने वालों ने बिजली माफी योजना (power amnesty scheme) को बंद किए जाने पर निराशा जताई. उन्होंने कहा कि लोगों को उम्मीद थी कि उनके बोझ को कम करने के लिए इस योजना को आगे बढ़ाया जाएगा. यह आरोप लगाते हुए कि बिजली के अतिरिक्त शुल्क लगाए जा रहे हैं, उन्होंने यह भी दावा किया कि पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग विभाग कई सालों से जमा पानी के बकाया बिलों का भुगतान मांग रहा है.
उन्होंने कहा कि लोग भुगतान करने से मना नहीं कर रहे हैं, लेकिन अपनी सीमित आर्थिक क्षमता को देखते हुए उन्हें कुछ राहत और समय चाहिए. उन्होंने आगे कहा कि बिजली काटे जाने की खबरों ने जनता की परेशानी को और बढ़ा दिया है. PDP ने कहा कि इस विरोध प्रदर्शन का मकसद प्रशासन का ध्यान उन मुद्दों की ओर खींचना था, जिन्हें पार्टी ने जनता की बढ़ती मुश्किलों और उनकी जायज चिंताओं के प्रति प्रशासन की बेरुखी बताया. पार्टी के वरिष्ठ नेता भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए और निवासियों द्वारा उठाए गए मुद्दों का समर्थन किया.
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