Skip to content

Srinagar News: सांसद रूहुल्लाह मेहदी और पूर्व मेयर जुनैद मट्टू पर FIR, भ्रामक जानकारी फैलाने का आरोप

जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में सोशल मीडिया पर कथित रूप से भ्रामक जानकारी फैलाने के आरोप में नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी और श्रीनगर के पूर्व मेयर जुनैद अज़ीम मट्टू के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है. जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मंगलवार (3 मार्च) देर रात यह कार्रवाई की और दोनों नेताओं के खिलाफ साइबर पुलिस स्टेशन श्रीनगर में अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं.

पुलिस के मुताबिक, डिजिटल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऐसे पोस्ट सामने आए थे जिनमें गलत और गुमराह करने वाली जानकारी साझा की गई थी. पुलिस ने कहा कि उसे इस बारे में पक्के इनपुट मिले थे कि कुछ पोस्ट लोगों में डर और अस्थिरता पैदा कर सकते हैं.

पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा कि डर पैदा करने, सार्वजनिक व्यवस्था को प्रभावित करने और गैर-कानूनी गतिविधियों को बढ़ावा देने की मंशा से झूठे और मनगढ़ंत कंटेंट को फैलाया गया.

पुलिस के अनुसार शुरुआती जांच में यह सामने आया कि इन पोस्टों में बिना सत्यापित जानकारी साझा की गई, जिससे लोगों में भ्रम और समाज में अशांति फैलने की आशंका थी.

दर्ज हुई एफआईआर

पुलिस ने बताया कि इस मामले में श्रीनगर के साइबर पुलिस स्टेशन में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं. इनमें भारतीय न्याय संहिता की धारा 197(1)(d) और 353(1)(b) के तहत केस दर्ज किया गया है. एफआईआर नंबर 02/2026 और एफआईआर नंबर 03/2026 के तहत दोनों मामलों की जांच शुरू कर दी गई है.

पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. पुलिस ने यह भी कहा कि गलत जानकारी फैलाने की ऐसी कोशिशें शांति, सुरक्षा और सामाजिक स्थिरता के लिए गंभीर खतरा बन सकती हैं.

सोशल मीडिया पोस्ट में सुरक्षा कम करने का दावा

दरअसल, इस पूरे विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब सांसद आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी और पूर्व मेयर जुनैद अज़ीम मट्टू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर दावा किया कि उनकी सुरक्षा कम या वापस ले ली गई है. इन पोस्टों के बाद मामला तेजी से चर्चा में आ गया और पुलिस ने इसे भ्रामक जानकारी मानते हुए केस दर्ज किया.

मुझे इन बातों से फर्क नहीं पड़ता- सांसद मेहदी

सांसद मेहदी ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें इन छोटी-मोटी बातों से कोई फर्क नहीं पड़ता. उन्होंने कहा कि उन्हें अपने आसपास सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी या गैर-मौजूदगी से कोई डर नहीं है.

उन्होंने कहा कि देश के नागरिक के रूप में वह अपने अधिकारों का इस्तेमाल करते रहेंगे और अन्याय, कानून के उल्लंघन तथा लोकतंत्र के खिलाफ आवाज उठाते रहेंगे. मेहदी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि कुछ लोग यह सोचते हैं कि उनकी सुरक्षा कम करने या उनका फेसबुक अकाउंट सस्पेंड करने से वह बोलना बंद कर देंगे, लेकिन ऐसा नहीं होने वाला.

‘मुझे चुप कराने की हो रही कोशिश’- मट्टू

वहीं श्रीनगर के पूर्व मेयर जुनैद अजीम मट्टू ने भी सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने दावा किया कि ईरान से जुड़े मुद्दों और अंतरराष्ट्रीय घटनाओं पर दिए गए उनके बयानों के कारण उनकी सुरक्षा वापस ली गई है.

मट्टू ने कहा कि यह कदम उन्हें चुप कराने के मकसद से उठाया गया है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार अंतरराष्ट्रीय घटनाओं पर अपनी चुप्पी बनाए हुए है. इस पूरे मामले के बीच पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर कोई भी जानकारी साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच जरूर करें.

पुलिस का कहना है कि बिना सत्यापित जानकारी शेयर करने से समाज में भ्रम, तनाव और कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है. इसलिए नागरिकों को जिम्मेदारी के साथ सोशल मीडिया का इस्तेमाल करना चाहिए.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *