जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मंगलवार को कुछ मीडिया आउटलेट्स और लोगों के खिलाफ मनगढ़ंत और गुमराह करने वाली जानकारी फैलाने के आरोप में केस दर्ज किया है. पुलिस का कहना है कि यह केस इसलिए दर्ज किया गया है क्योंकि मीडिया आउटलेट्स ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के विरोध में हो रहे प्रदर्शनों की रिपोर्टिंग करके अशांति फैलाने और पब्लिक ऑर्डर बिगाड़ने के इरादे से खबरें चलाईं और पब्लिश कीं.
एक प्रेस रिलीज में श्रीनगर पुलिस ने कहा कि उसने कुछ न्यूज चैनलों, मीडिया आउटलेट्स और इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लोगों द्वारा जानबूझकर झूठी, मनगढ़ंत और गुमराह करने वाली जानकारी फैलाने को गंभीरता से लिया है.
पत्रकारों और मालिकों को किया तलब
पुलिस प्रवक्ता ने उन मीडिया आउटलेट्स और लोगों की कोई डिटेल नहीं दी जिनके खिलाफ केस दर्ज किया गया है. पुलिस ने कहा कि न्यूज आउटलेट्स के मालिकों और पत्रकारों को पूछताछ के लिए बुलाया जा रहा है. पुलिस प्रवक्ता ने आगे कहा कि कई प्रोफाइल की पहचान की गई है, और संबंधित लोगों को साइबर सेल में बुलाया गया है.
पुलिस के मुताबिक जांच एक्टिव रूप से चल रही है, और इसमें शामिल पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. इस कार्रवाई के बारे में बताते हुए, पुलिस का दावा है कि ये लोग अशांति फैलाने, पब्लिक ऑर्डर बिगाड़ने और समाज में अशांति फैलाने के साफ इरादे से गलत बातें और बिना वेरिफिकेशन वाला कंटेंट फैलाने की ‘सुनियोजित कोशिश’ कर रहे हैं.
पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
प्रवक्ता ने कहा कि इस तरह के गलत जानकारी वाले कैंपेन देश की शांति, सुरक्षा और एकता के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं. सख्ती से कार्रवाई करते हुए, श्रीनगर पुलिस ने साइबर पुलिस स्टेशन में संबंधित कानूनी नियमों के तहत FIR दर्ज की है.
चेतावनी जारी करते हुए, पुलिस ने कहा कि फेक न्यूज, भड़काऊ कंटेंट या बिना वेरिफिकेशन वाली जानकारी फैलाने पर सख्त कानूनी नतीजे भुगतने होंगे. प्रवक्ता ने कहा कि नागरिकों और मीडिया संगठनों को सलाह दी जाती है कि वे जिम्मेदारी से काम लें और सांप्रदायिक सद्भाव या पब्लिक ऑर्डर बिगाड़ने वाला कोई भी कंटेंट शेयर करने से पहले केवल आधिकारिक और भरोसेमंद सोर्स से ही फैक्ट्स वेरिफाई करें.
पुलिस एडवाइजरी के जरिए की अपील
पुलिस ने सोमवार को एक एडवाइजरी जारी कर सभी मीडिया संगठनों और न्यूज प्लेटफॉर्म से रिपोर्टिंग में सबसे ज्यादा जिम्मेदारी और प्रोफेशनलिज्म दिखाने की अपील की थी. एडवाइजरी में लिखा था कि प्लीज बिना वेरिफाई किए जानकारी, अंदाजा या अफवाहें पब्लिश करने से बचें. पक्का करें कि सभी रिपोर्ट फैलाने से पहले भरोसेमंद और भरोसेमंद सोर्स से कन्फर्म हो जाएं और ऐसी सनसनीखेज हेडलाइन से बचें जिनसे बेवजह पैनिक पैदा हो सकता है.
पुलिस ने कहा कि लोगों का भरोसा बनाए रखने और गलत जानकारी को रोकने के लिए जिम्मेदार और सही रिपोर्टिंग जरूरी है. शनिवार सुबह US और इजराइल के जॉइंट एयर स्ट्राइक में खामेनेई की हत्या के बाद कश्मीर घाटी में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए हैं. इस प्रदर्शन बाद में हिंसक रूप ले लिया. जिसके जवाब में पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े.