राजस्थान के सिरोही जिले के रेवदर उपखंड अंतर्गत कम्बोइया खेड़ा गांव में एक युवक ने पत्नी के पीहर जाने और वापस नहीं लौटने से नाराज होकर 20 फीट ऊंचे पेड़ पर चढ़कर हंगामा खड़ा कर दिया. घटना की सूचना मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए. प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर करीब 19 घंटे के बाद सोमवार सुबह करीब सवा पांच बजे युवक को सुरक्षित नीचे उतारा.
कम्बोइया खेड़ा गांव निवासी डामराराम (38) पुत्र करसन कोली की पत्नी कलुदेवी शनिवार को अपने पीहर गई थी. रविवार को वह वापस नहीं लौटी जिससे डामराराम नाराज हो गया और अपनी नाराजगी जताने के लिए गांव के पास स्थित एक पेड़ पर चढ़ गया. करीब 20 फीट की ऊंचाई पर बैठकर वह नीचे न उतरने की जिद पर अड़ गया. जैसे ही इस घटना की जानकारी ग्रामीणों को मिली वे मौके पर पहुंचे और उसे नीचे उतरने के लिए समझाने का प्रयास किया लेकिन वह बार-बार धमकी देता रहा.
APS किशोरसिंह चौहान समेत कई अधिकारी रातभर मौके पर डटे रहे
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक किशोरसिंह चौहान, उपखंड अधिकारी राजन लोहिया, तहसीलदार मंजू देवासी, अनादरा थानाधिकारी कमलेश गहलोत, एएसआई नरेंद्रसिंह, नायब तहसीलदार जब्बरसिंह, प्रशासक भवानीसिंह देवड़ा और पटवारी अजय जोशी सहित तमाम अधिकारी रातभर मौके पर डटे रहे. अधिकारियों और ग्रामीणों ने मिलकर पूरी रात धैर्य और समझाइश के साथ स्थिति को संभाला.
गिरने की स्थिति में चोट न लगे इसलिए पेड़ के नीचे रखे टायर
रेस्क्यू के दौरान प्रशासन ने विशेष सुरक्षा इंतजाम किए. यदि युवक पेड़ से गिर जाए तो उसे गंभीर चोट न लगे इसके लिए एक खाट पर बड़े-बड़े टायर लगाकर पेड़ के नीचे रखा गया. आखिरकार काफी मशक्कत के बाद दो युवकों को पेड़ पर चढ़ाया गया जिन्होंने सावधानीपूर्वक डामराराम को पकड़कर नीचे उतार लिया. सुरक्षित उतारने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली. युवक को तत्काल रेवदर अस्पताल ले जाया गया जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए सिरोही जिला अस्पताल रेफर किया गया. प्रशासन और ग्रामीणों की सूझबूझ से एक बड़ा हादसा टल गया.