अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब आम लोगों की जिंदगी पर भी दिखने लगा है. ओमान में हुए एक ड्रोन हमले ने राजस्थान के सीकर जिले के खंडेला क्षेत्र के एक परिवार की खुशियां छीन लीं. गांव अगलोई निवासी 22 वर्षीय विक्रम वर्मा, जो बेहतर भविष्य की तलाश में 23 फरवरी को ओमान गया थ, इस हमले का शिकार हो गया. महज 25 दिनों में ही उसकी जिंदगी का दर्दनाक अंत हो गया.
जानकारी के अनुसार, विक्रम की मौत के बाद परिवार में मातम पसर गया है. साथ ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है. रोजी-रोटी कमाने विदेश निकला बेटा अब कभी अपने गांव लौटकर नहीं आएगा, यह सोचकर परिजन सदमे में हैं.
घटना के चार दिन बाद गांव पहुंचा विक्रम का शव
परिजनों के अनुसार, ड्रोन हमले से ठीक पहले विक्रम ने फोन पर परिवार से आखिरी बात की थी. उसने वहां के बिगड़ते हालात को लेकर चिंता जताई थी, लेकिन किसी को यह अंदाजा नहीं था कि यह उसकी अंतिम बातचीत होगी. घटना के चार दिन बाद मंगलवार (17 मार्च) को विक्रम का शव उसके पैतृक गांव अगलोई पहुंचा. जैसे ही शव लेकर एंबुलेंस गांव के प्रवेश द्वार पर पहुंची, पूरे इलाके में मातम का सन्नाटा छा गया. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया.
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घर में इकलौता कमाने वाला सदस्य था विक्रम
परिवारजन बताते हैं कि विक्रम घर का इकलौता कमाने वाला सदस्य था. 25 दिन पहले ही कमाने के लिए घर से इतनी दूर गया था. बेट विक्रम की मौत के बाद से पूरा परिवार टूट चुका है. अगलोई गांव में रहने वाले लोगों ने केंद्र सरकार और राज्य सरकार से मृतक के परिवार को उचित मुआवजा और सहायता प्रदान करने की मांग की है, ताकि पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता मिल सके.
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