ईरान-इजराइल में चल रहे युद्ध के हालात के बीच कई हिमाचली भी मिडिल ईस्ट में फंसे हुए हैं. उद्योग एवं श्रम रोजगार मंत्री हर्ष वर्धन चौहान ने बताया कि मिडिल ईस्ट में युद्ध के हालात के बीच हिमाचल प्रदेश के नागरिक सुरक्षित हैं.
इनको लेकर राज्य सरकार पूरी तरह से अलर्ट मोड में है. राज्य सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और केंद्र सरकार के विदेश मंत्रालय के साथ संपर्क में है. मंत्री ने बताया कि वर्तमान परिस्थिति कितने समय तक चलेगी इसे लेकर अभी स्पष्ट जानकारी नहीं है, लेकिन अब तक किसी भी हिमाचली के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है.
अधिकतर लोग परिवारों के संपर्क में हैं- हर्ष वर्धन चौहान
हर्ष वर्धन चौहान ने कहा कि हमारी जानकारी के अनुसार मिडिल ईस्ट में रह रहे अधिकतर लोग अपने परिवारों के संपर्क में हैं और सुरक्षित हैं. घबराने की कोई जरूरत नहीं है. चौहान ने कहा कि सरकार फीडबैक जुटा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि प्रदेश के कितने लोग प्रभावित क्षेत्रों में मौजूद हैं.
हालांकि अभी सटीक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है, लेकिन जिला प्रशासन और संबंधित एजेंसियां लगातार संपर्क बनाए हुए हैं. कई परिवारों ने राज्य सरकार के साथ संपर्क भी किया है, जिन्हें आश्वस्त किया गया है कि स्थिति नियंत्रण में है. जैसे ही हालात सामान्य होंगे और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें बहाल होंगी, तब जो भी व्यक्ति भारत लौटना चाहेगा, उसके लिए आवश्यक सहयोग सुनिश्चित किया जाएगा.
मंत्री ने एयरस्पेस बंद होने का दिया हवाला
मंत्री ने कहा कि फिलहाल कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर असर पड़ा है और एयरस्पेस बंद होने के कारण आवागमन बाधित है. ऐसे में सरकार हर स्तर पर स्थिति की निगरानी कर रही है और जरूरत पड़ने पर केंद्र के साथ समन्वय कर उचित कदम उठाए जाएंगे.
मध्य पूर्व में ईरान, अमरीका और इसराईल के बीच बढ़ते तनाव और संभावित सैन्य टकराव के कारण खाड़ी देशों में रह रहे भारतीयों के परिजन गहरी चिंता में हैं. अनुमान है कि पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र में 90 लाख से अधिक भारतीय रहते और कार्यरत हैं, जिनमें हिमाचल प्रदेश के लगभग 45,000 से अधिक लोगों के होने का अनुमान हैं. ये हिमाचली नागरिक मुख्य रूप से दुबई, सऊदी अरब, कतर, कुवैत और ओमान जैसे देशों में काम धंधा कर रहे हैं.