हिमाचल में राज्यसभा की एक सीट के लिए अनुराग शर्मा के निर्विरोध चुने जाने का रास्ता साफ हो गया है. इस बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा की नाराजगी सामने आई है. इसको लेकर हिमाचल सरकार में कृषि मंत्री चन्द्र कुमार ने कहा कि आनंद शर्मा कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ सदस्य रहे हैं, विभिन्न ओहदे पर रहे हैं. हिमाचल के साथ-साथ राजस्थान से भी राज्य सभा के सदस्य रहे हैं. मैं नहीं समझता कि हाईकमान से किसी तरह की नाराजगी होनी चाहिए.
कई बार राज्य सभा के टिकट को लेकर मुख्यमंत्री की राय भी ली जाती है, पार्टी आलाकमान सभी पहलुओं पर विचार करता है. सभी को समय-समय पर मौका दिया जाता है. आनंद शर्मा का कार्यकाल और प्रदर्शन अच्छा रहा है, अच्छे वक्ता हैं ये फैसला सीएम और हाईकमान के बीच हुई चर्चा के बाद लिया गया है. अनुराग शर्मा युवा नेता हैं. आनंद शर्मा को गांधी परिवार का पूरा आशीर्वाद अब तक मिला है, यदि ऐसा नहीं होता तो उन्हें पिछली बार लोक सभा का टिकट नहीं मिलता. उन्हें नाराज नहीं होना चाहिए. संगठन और सरकार को समय के साथ कई मुद्दों पर विचार विमर्श करने बाद फैसला लेना पड़ता है.
आपदा में कृषि को बहुत हुआ नुकसान- प्रो. चंद्र कुमार
प्रो. चंद्र कुमार ने कहा कि आपदा में कृषि को बहुत नुकसान हुआ है, बीते साल गगल एयरपोर्ट पर हम मुख्यमंत्री के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले थे, पीएम मोदी को नुकसान को लेकर पूरी जानकारी दी गई थी. नेता प्रतिपक्ष समेत बीजेपी के कई नेता भी मिले थे, पीएम मोदी ने 1500 करोड़ देने का ऐलान किया था. अब तक कोई पैसा नहीं आया है शायद पीएम मोदी भूल गए हैं, उन्हें चिट्ठी लिखनी पड़ेगी.
हाल ही में सीएम केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भी मिले थे. अखबारों में बहुत अच्छे फोटो भी आए थे और फोटो अच्छे आते हैं लेकिन पैसा नहीं मिलता है. अब तक तो आपदा राहत के लिए कोई पैसा नहीं मिला है, अब पता नहीं कब मिलेगा.
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भांग की खेती को पूरी तरह वैज्ञानिक तरीके से किया जाएगा- चन्द्र कुमार
कृषि मंत्री चन्द्र कुमार ने बताया कि हिमाचल सरकार ने भांग की नियंत्रित एवं वैज्ञानिक खेती को लेकर नीति तैयार कर ली है और इसे लागू करने के लिए जल्द ही विधानसभा में विधेयक लाया जाएगा. केंद्र सरकार से भी इसके लिए अनुमति मांगी गई है. उनका कहना है कि यह पहल औद्योगिक, औषधीय तथा शोध आधारित उपयोग को ध्यान में रखते हुए की जा रही है. जिससे किसानों की आय बढ़ाने के साथ राज्य के संसाधनों में भी वृद्धि हो सके. उन्होंने कहा कि भांग की खेती को पूरी तरह वैज्ञानिक तरीके से नियंत्रित ढांचे में किया जाएगा.
सरकारी अनुमानों के अनुसार, पूरी तरह से लागू होने पर इस विनियमित खेती से राज्य के खजाने में सालाना 500 से 2000 करोड़ रुपये से अधिक का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होने का अनुमान है.
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