Skip to content

Shamli News: थायराइड जांच को लेकर बवाल, डॉक्टरों का सीएमओ कार्यालय में हंगामा, लगाए गंभीर आरोप

शामली के स्वास्थ्य विभाग में अंदरूनी विवाद अब खुलकर सामने आ गया है. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में गर्भवती महिलाओं की थायराइड जांच न होने के मुद्दे पर डॉक्टरों ने सीएमओ कार्यालय में जमकर हंगामा किया. इस दौरान महिला रोग विशेषज्ञ ने सीएमओ पर अभद्र व्यवहार करने और अवैध वसूली जैसे गंभीर आरोप भी लगाए हैं. मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हलचल मच गई है.

बताया जा रहा है कि शामली की सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात महिला रोग विशेषज्ञ डॉक्टर विजेंद्र कुमार ने कुछ दिन पहले जिले की सभी सीएचसी में गर्भवती महिलाओं की थायराइड जांच शुरू कराने की मांग उठाई थी.

डॉक्टर का कहना है कि गर्भावस्था के दौरान थायराइड की जांच बेहद जरूरी होती है. अगर समय पर जांच नहीं होती तो इसका असर मां और गर्भ में पल रहे बच्चे दोनों के स्वास्थ्य पर पड़ सकता है.

डॉक्टरों का कहना है कि कई जगहों पर यह सुविधा उपलब्ध नहीं है, जिसके कारण गर्भवती महिलाओं को जरूरी जांच नहीं मिल पा रही है. इसी समस्या को लेकर डॉक्टरों ने उच्च अधिकारियों से बात करने का फैसला किया था.

मांग को लेकर सीएमओ से मिलने पहुंचे डॉक्टर

इसी सिलसिले में सीएचसी शामली के चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर दीपक चौधरी और महिला रोग विशेषज्ञ डॉक्टर विजेंद्र कुमार सीएमओ डॉक्टर अनिल कुमार से मिलने उनके कार्यालय पहुंचे थे. डॉक्टरों का कहना है कि वे जनहित से जुड़ा मुद्दा लेकर गए थे और चाहते थे कि जिले की सभी सीएचसी में थायराइड जांच की सुविधा शुरू कराई जाए.

हालांकि आरोप है कि बातचीत के दौरान सीएमओ ने उनकी बात ध्यान से नहीं सुनी और उनसे अभद्र व्यवहार करते हुए कार्यालय से बाहर निकल जाने को कह दिया. इस बात से नाराज डॉक्टरों ने वहीं विरोध जताते हुए हंगामा शुरू कर दिया. कुछ देर तक कार्यालय परिसर में माहौल तनावपूर्ण बना रहा.

सीएमओ पर लाल बत्ती और अवैध वसूली का आरोप

महिला रोग विशेषज्ञ डॉक्टर विजेंद्र कुमार ने सीएमओ पर एक और गंभीर आरोप लगाया है. उनका कहना है कि सीएमओ अपनी गाड़ी पर नियमों के खिलाफ लाल बत्ती लगाकर जिले में घूमते हैं. साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विभाग में अवैध वसूली हो रही है, जिससे भ्रष्टाचार बढ़ रहा है.

डॉक्टर विजेंद्र कुमार ने यह भी कहा कि एक अखबार में सीएमओ की ओर से खबर छपवाई गई कि जिले में गर्भवती महिलाओं की थायराइड जांच हो रही है, जबकि वास्तविकता में कई सीएचसी में यह सुविधा उपलब्ध ही नहीं है.

स्वास्थ्य विभाग में बढ़ा विवाद

इस पूरे घटनाक्रम के बाद स्वास्थ्य विभाग के अंदर का विवाद खुलकर सामने आ गया है. डॉक्टरों का कहना है कि वे केवल जनहित से जुड़ी मांग उठा रहे थे, लेकिन उनकी बात सुनने के बजाय उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया.

अब इस मामले को लेकर विभाग में चर्चा तेज हो गई है और संभावना जताई जा रही है कि उच्च स्तर पर इसकी जांच हो सकती है. वहीं जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *