उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले के रुद्रपुर में ईद की नमाज को लेकर गहरा विवाद सामने आया है. खेड़ा क्षेत्र में पिछले 50 सालों से ईदगाह में नमाज अदा कर रहा मुस्लिम समाज अब सड़कों पर उतरने की तैयारी में है. इस बार ईद को काले दिवस के रूप में मनाने का ऐलान किया गया है.
हाई कोर्ट के आदेश पर नगर निगम ने ली 8.5 एकड़ ईदगाह जमीन
रुद्रपुर के खेड़ा इलाके में माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के बाद करीब 8.5 एकड़ ईदगाह की जमीन को नगर निगम ने अपने कब्जे में ले लिया. इस फैसले के बाद मुस्लिम समाज में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है. रमजान का महीना शुरू होने के बाद से ही समाज लगातार शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाता रहा. मांग सिर्फ इतनी थी कि ईद के दिन 2 घंटे के लिए ईदगाह में नमाज अदा करने की अनुमति दे दी जाए लेकिन आरोप है कि इस मांग को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया.
चुनाव में इस्तेमाल का लगाया आरोप
मांग अनसुनी होने के बाद मुस्लिम समाज ने विरोध का रास्ता चुन लिया है. ईद के दिन हाथों में काली पट्टी बांधकर काला दिवस मनाने का फैसला लिया गया है. साथ ही यह आरोप भी लगाया जा रहा है कि चुनाव के समय मुस्लिम समाज का इस्तेमाल किया जाता है लेकिन जरूरत के समय उनकी अनदेखी की जाती है.
पार्षद परवेज कुरेशी का तीखा बयान – राशन कार्ड ले लो
पार्षद परवेज कुरेशी ने तीखे शब्दों में कहा कि अगर हमें नमाज पढ़ने से रोका जा रहा है तो हमारा राशन कार्ड भी ले लो और वोटर ID से नाम भी काट दो. उनके इस बयान ने पूरे विवाद को और संवेदनशील बना दिया है. शाहिद, डॉ. शाहिद, राजू मियां और उमर अली ने भी अपनी नाराजगी जाहिर की. फिलहाल मामला संवेदनशील बना हुआ है और ईद से पहले इस विवाद का समाधान निकलता है या नहीं इस पर सभी की नजरें टिकी हैं.