महाराष्ट्र में महाविकास आघाडी की तरफ से एनसीपी नेता शरद पवार ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है. इस सीट पर शिवसेना (उद्धव ठाकरे) पार्टी की ओर से खुलकर दावेदारी की गई थी लेकिन विपक्षी दलों ने आख़िरकार शरद पवार के नाम पर मुहर लगाई. इस फैसले के बाद विपक्षी दलों के गठबंधन में दरार बढ़ती दिख रही है.
एनसीपी नेता शरद पवार ने आज महाविकास अघाड़ी की तरफ से राज्यसभा उम्मीदवार पद के लिए नामांकन भर दिया है. इस दौरान शिवसेना यूटीबी नेता आदित्य ठाकरे मौजूद नहीं थे. शरद पवार के नामांकन को लेकर महाविकास अघाड़ी में रार बढ़ती दिख रही है. आदित्य ठाकरे इस सीट को लेकर नाराज बताए जा रहे हैं. उन्होंने इस सीट पर अपनी पार्टी की दावेदारी की थी लेकिन ऐसा नहीं हो सका.
शरद पवार के नामांकन में शामिल नहीं हुए आदित्य
महाराष्ट्र में विरोधियों के विधायकों की संख्या बल के हिसाब से विपक्षी दल एक ही उम्मीदवार को राज्यसभा भेज सकते हैं. जिसके बाद शरद पवार के नाम पर सभी दलों में सहमति बन गई. हालांकि इस फैसले में शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे अकेले पड़ते नज़र आए. उन्होंने खुलकर इस सीट पर शिवसेना की ओर से दावा किया था जबकि उनकी पार्टी के बड़े नेता संजय राउत शरद पवार के पक्ष में दिखाई दिए.
इस पूरे घटनाक्रम की बाद शिवसेना यूटीबी के भीतर भी आपसी खींचतान देखने को मिल रही है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि संजय राउत की रणनीति आदित्य ठाकरे पर भारी पड़ गई. जिसके बाद पार्टी नेतृत्व को लेकर भी कई तरह के सवाल उठने शुरू हो गए हैं.
दरअसल शिवसेना यूटीबी विपक्षी दलों के गठबंधन में सबसे बड़ी पार्टी होने की वजह से इस सीट पर दावेदारी कर रही थी वहीं कांग्रेस चाहती थी कि इस सीट पर उनका उम्मीदवार बने ताकि कांग्रेस में नेता प्रतिपक्ष का पद बना रहे. हालांकि सभी दलों में चर्चा के बाद शरद पवार के नाम पर सहमति बन गई.
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