ईरान, इज़राइल और अमेरिका के युद्ध का असर 4 हजार किलोमीटर दूर यहां भारत में भी दिखाई दे रहा है. होटल-ढाबे हों या फिर मज़दूरी कर रहे लोग, सभी परेशान नजर आ रहे हैं और परेशानी की वजह है घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर. अब इसकी चपेट में सार्वजनिक परिवहन में चलने वाले ऑटो रिक्शा भी आ गए हैं.
शहर के अलग-अलग LPG पंपों पर लंबी-लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं. LPG गैस नहीं मिलने के चलते ऑटो ड्राइवरों को घर चलाने में भी परेशानी होने लगी है. ऑटो रीफिलिंग के लिए रात-रात भर से लाइनों में खड़े नजर आ रहे हैं. शहर के गैस रिफिलिंग स्टेशनों के बाहर ऑटो रिक्शा की लंबी-लंबी कतारें लग गई हैं.
कई घंटे लाइन में लगने से हो रहा है नुकसान- ऑटो चालक
सड़कों के बीच तक लगी इन कतारों के कारण यातायात भी प्रभावित हो रहा है. ऑटो चालकों का कहना है कि गैस की सप्लाई कम होने के कारण उन्हें कई-कई घंटे लाइन में लगना पड़ रहा है, जिससे उनकी रोज़ी-रोटी पर भी संकट खड़ा हो गया है. कई चालकों ने बताया कि वे रात से ही लाइन में लगे हुए हैं, लेकिन इसके बावजूद अभी तक उनकी बारी नहीं आई. गैस भरवाने में हो रही देरी के कारण वे दिनभर सवारी भी नहीं उठा पा रहे हैं. इससे उनकी आमदनी पर सीधा असर पड़ रहा है.
…तो ऑटो चालकों के सामने होगा बड़ा आर्थिक संकट!
लंबे इंतजार और अव्यवस्था के चलते ऑटो चालकों का गुस्सा भी देखने को मिला. कुछ जगहों पर चालकों ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए जल्द गैस आपूर्ति सामान्य करने की मांग की. उनका कहना है कि अगर जल्द ही स्थिति नहीं सुधरी तो ऑटो चालकों के सामने बड़ा आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है.
ऑटो चालकों का कहना है कि वे रोज कमाकर खाने वाले लोग हैं. अगर आधा दिन गैस भरवाने की लाइन में ही निकल जाएगा तो घर का खर्च चलाना मुश्किल हो जाएगा. इसलिए प्रशासन को तुरंत इस समस्या का समाधान करना चाहिए और गैस की सप्लाई बढ़ानी चाहिए. फिलहाल शहर में गैस की कमी के चलते ऑटो चालकों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है और वे जल्द राहत मिलने का इंतजार कर रहे हैं.