राज्य में अनुसूचित जाति (एससी) की आबादी लगभग 34 प्रतिशत है. जिसके कारण यह वर्ग चुनाव में बेहद अहम भूमिका निभाने वाला है. इसी वजह से सभी प्रमुख पार्टियां इस वोट बैंक को साधने के प्रयास में जुटी हुई हैं. हाल के दिनों में विभिन्न पार्टियों ने एससी समाज से जुड़े मुद्दों और व्यक्तित्वों को लेकर अपनी सक्रियता बढ़ा दी है.
भारतीय जनता पार्टी ने डेरा सच्चखंड बल्लां के प्रमुख संत निरंजन दास को सम्मानित कर इस वर्ग को साधने की कोशिश की है, तो वहीं आम आदमी पार्टी ने भी बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग उठाई है. इसके लिए आप ने विधानसभा में प्रस्ताव पारित किया है, जिसका समर्थन कांग्रेस ने भी किया. इससे यह साफ तो होता है कि सभी दल इस वर्ग को लेकर साधने में लगे हैं.
पंजाब में देश में से 34 प्रतिशत से अधिक अनुसूचित आबादी
भारत रत्न देने की मांग आम तौर पर तो राजनीतिक मंच से उठा जाती है, मगर इस बार आप ने विधानसभा में यह प्रस्ताव रखकर एक अलग रणनीति अपनाई है. वहीं राज्य के वित्तमंत्री हरपाल चीमा, जो खुद इस समुदाय से आते है. उन्होंने यह प्रसत्वा विधानसभा में पेश किया.
आपको बता दें की, देश की आबादी के मुताबिक पंजाब में 34 प्रतिशत से अधिक आबादी है. वहीं विधानसभा में भी 34 सीटें सिर्फ एससी वर्ग के लिए आरक्षित हैं. इसी वजह से राजनीतिक पार्टियों के लिए एससी वोट बैंक बेहद महत्वपूर्ण है ताकी वह राज्य की सत्ता हासिल कर सकें. वैसे देखा जाए तो लंबे समय से पंजाब में अनुसूचित जाति के वोट पर कांग्रेस का बोलबाला रहा है. अब ऐसे में पार्टियां सामाजिक और वैचारिक स्तर पर इस समुदाय को अपने पक्ष में लाने की कोशिश कर रही हैं.
आम आदमी पार्टी ‘बहुजन’ वर्ग को लेकर 2027 की तैयारी पर
आप ने पिछले चार सालों में कभी भी अपने कार्यकाल में इस तरह की मांग विधानसभा में नहीं रखी है. इससे साफ होता है कि आम आदमी पार्टी ‘बहुजन’ वर्ग को लेकर 2027 की तैयारी कर रही है. इसके पीछे का एक कारण यह भी है कि बीती 1 फरवरी को प्रधानमंत्री मोदी ने खुद संत निरंजन दास का आशीर्वाद लेने के लिए बल्ला पहुंचे थे. वहीं केंद्र सरकार ने आदमपुर हवाई अड्डे का नाम भी गुरु रविदास जी के नाम पर रखा है. बीजेपी के इस कदम ने आप और कांग्रेस में हलचल पैदा कर दी है.