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Pune: लीक नहीं हुआ था बोर्ड का पेपर, पैसे ऐंठने के लिए नर्सिंग छात्र ने रची थी ‘फर्जी’ साजिश! हुआ अरेस्ट

Pune Crime News: पुणे में दसवीं पेपर लीक मामले में एक नया मोड़ आया है. पुलिस जांच में यह सामने आया कि पेपर लीक नहीं हुआ था. इस मामले में 18 साल के चैतन्य शेंडे को चंद्रपुर से शिवाजीनगर पुलिस ने गिरफ्तार किया है. प्रारंभिक जांच में पता चला कि चैतन्य ने पेपर देने के बहाने टेलीग्राम ऐप का इस्तेमाल कर पैसे ऐंठने की साजिश रची थी.

शिक्षा मंडल को टेलीग्राम पर दसवीं के भाग एक और दो के पेपर लीक होने का संदेह होने पर उन्होंने शिवाजीनगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी. इस शिकायत के आधार पर टेलीग्राम ग्रुप के एडमिन और सदस्यों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था. इन सब की तलाश के लिए शिवाजीनगर पुलिस स्टेशन के कर्मचारियों ने आरोपी की तलाश शुरू की. आरोपी के चंद्रपुर में होने की जानकारी मिलते ही सभी पुलिस चंद्रपुर पहुंचे और वहां से चैतन्य को गिरफ्तार कर लिया. 

टेलीग्राम पर कैसे रची साजिश? 

जांच में पता चला कि चैतन्य ने फाइल में फेरबदल कर पेपर लीक का भ्रम फैलाया. वह परीक्षा से एक दिन पहले टेलीग्राम पर पीडीएफ अपलोड करता था जिसमें पासवर्ड होता. फिर टेलीग्राम ग्रुप पर मैसेज डालता कि “मेरे पास दसवीं का पेपर है” और इच्छुक छात्रों से 600 रुपये भेजने के लिए कहता. पैसे मिलने के बाद वह नंबर ब्लॉक कर देता.

जब पेपर खत्म हो जाता, चैतन्य पीडीएफ को एडिट करके उसी दिन का पेपर अपलोड करता और सभी को यही पेपर देने का भ्रम देता. इस तरह छात्रों को झूठा भरोसा दिलाया जाता और पैसा ऐंठा जाता.

आरोपी का प्रोफाइल और पिछला रिकॉर्ड

चैतन्य शेंडे नर्सिंग के दूसरे वर्ष का छात्र है और चंद्रपुर का निवासी है. पुलिस ने बताया कि चैतन्य के साथ पहले भी इसी तरह का फ्रॉड हुआ था. पुणे के पुलिस उपायुक्त कृषीकेश रावले ने कहा कि जांच जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि चैतन्य ने कुल कितने लोगों से पैसे ऐंठे.

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