उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा स्थित जेवर में बनने वाले नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट को लेकर प्रभावित किसानों के परिवारों ने सोमवार को एयरपोर्ट को जाने वाली सड़क पर धरने पर बैठ गए. उनका कहना है हमने जिला प्रशासन और जेवर विधायक को कई बार शिकायत की स्थानीय लोगों को रोजगार नहीं मिल रहा जबकि कंपनी बाहर के लोगों को रोजगार दे रही है.
किसानों ने बताया कि सरकार ने स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देने की घोषणा की थी, लेकिन इसके बावजूद उन्हें रोजगार नहीं मिल रहा है. जिस कारण स्थानीय युवक अपने आपको ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं. यही नहीं स्थानीय अधिकारी भी लोगों की समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं है.
कंपनियों पर मनमानी का आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि भर्ती एजेंसियों और निजी कंपनियों द्वारा चयन प्रक्रिया में अनियमितताएं और पक्षपात किया जा रहा है, जबकि बाहरी लोगों को नौकरियां दी जा रही हैं. किसानों का कहना है कि उन्होंने मुआवजे के रूप में 5 लाख रुपये का विकल्प नहीं चुना था, क्योंकि उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि उनके बच्चों को जेवर एयरपोर्ट में स्थायी रोजगार मिलेगा.
जिला प्रशासन को भी शिकायत में बताया गया कि 9 अगस्त 2025 को जेवर स्थित आईटीआई कॉलेज में एयरपोर्ट द्वारा कौशल विकास केंद्र शुरू किया गया, जिसमें 30 युवाओं का बैच चुना गया, लेकिन उनमें प्रभावित किसान परिवारों का कोई भी बच्चा शामिल नहीं था. इसके अलावा 11 सितंबर 2025 को प्रभावित परिवारों के बच्चों को एयरपोर्ट बुलाया गया, लेकिन वहां उनसे कोई स्पष्ट बातचीत नहीं की गई, जिससे युवाओं में नाराजगी बढ़ गई है और आज वह सभी युवा एयरपोर्ट वाली सड़क पर धरने पर बैठ गए.
प्रशासन ने दिया आश्वासन
धरने की सूचना पर पहुंची जेवर पुलिस और उप जिलाधिकारी जेवर दुर्गेश प्रताप सिंह ने युवाओं से बातचीत की और कहा कि आने वाले शुक्रवार तक आप लोगों की इस समस्या का समाधान हो जाएगा. लेकिन जो लोग धरने पर बैठे हुए हैं वह इस बात को मानने के लिए तैयार नहीं हुए हैं.