पश्चिमी उतर प्रदेश के जनपद मुजफ्फरनगर कोतवाली नई मंडी पुलिस ने हनीट्रैप के जरिए भोले-भाले लोगों को झूठे दुष्कर्म व छेड़छाड़ के मामलों में फंसाकर अवैध वसूली करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एक महिला सहित चार शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी अभी फरार बताया जा रहा है. एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम को 15 हजार रुपये के पुरस्कार से सम्मानित किया है.
पुलिस के अनुसार 7 मार्च को एक व्यक्ति ने थाना नई मंडी में तहरीर देकर बताया कि कुछ लोग संगठित गिरोह बनाकर महिला के माध्यम से लोगों को हनीट्रैप में फंसाते हैं और बाद में उनके खिलाफ छेड़छाड़ व दुष्कर्म के झूठे मुकदमे दर्ज कराने की धमकी देकर समझौते के नाम पर मोटी रकम वसूलते हैं.
इन चार को किया गया गिरफ्तार
तहरीर के आधार पर नई मंडी कोतवाली में मुकदमा संख्या 107/26 धारा 318(4), 231, 212, 308(7), 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर पुलिस टीम गठित की गई. जांच के दौरान पुलिस ने गिरोह का खुलासा करते हुए वरजीना पत्नी कुदरत अली निवासी गढ़ी सरवट, आफताब पुत्र नवाब, रियासत पुत्र अनवर और साजिद पुत्र समसू निवासी रथेडी को गिरफ्तार कर लिया.
सीधे-साधे लोगों को जाल में फंसाते थे
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे महिला के जरिए सीधे-साधे लोगों को अपने जाल में फंसाते थे और फिर थाने में दुष्कर्म या छेड़छाड़ की तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराने की धमकी देकर उनसे लाखों रुपये की मांग करते थे. आरोपियों ने कई लोगों के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज कराकर समझौते के नाम पर मोटी रकम वसूलने की बात भी स्वीकार की है.
10 लाख रुपए की डिमांड की थी
पुलिस के मुताबिक गिरोह ने हरिद्वार के सिडकुल थाने में भी एक मुकदमा दर्ज कराकर दो लोगों से समझौते के लिए 10 लाख रुपये की मांग की थी. पुलिस ने बताया कि मामले में परवेज पुत्र अनवर निवासी रथेडी अभी फरार है, जिसकी तलाश में दबिश दी जा रही है. गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है.