पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जनपद मुजफ्फरनगर में थाना सिविल लाइन पुलिस ने देर रात मुठभेड़ के दौरान अवैध हथियार तस्करी गैंग के सरगना समेत दो बदमाशों को घायल कर गिरफ्तार किया है. पुलिस को उनके पास से एक से 4 पिस्टल (32 बोर) 2 तमंचे (315 बोर) जिंदा कारतूस बिना नंबर प्लेट टाटा नेक्सॉन कार बरामद हुई है. पुलिस आगे की विधिक कार्रवाई में जुट गई है.
रविवार देर रात थाना मुजफ्फरनगर के संथावली अंडरपास के पास पुलिस की टीम चैकिंग कर रही थी, सभी सामने से एक बिना नंबर वाली कार आते देख पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो कार सवारों ने फायरिंग शुरू कर दी. पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दोनों बदमाश गोली लगने से घायल हो गए, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ़्तार कर लिया.
सोशल मीडिया के ज़रिए अवैध हथियारों की सप्लाई
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान रक्षित त्यागी और ऋतिक त्यागी के रूप में हुई है. दोनों आरोपी अवैध रूप से हथियार और असलहा सप्लाई का करते हैं. गैंग का सरगना रक्षित त्यागी पश्चिम उत्तर प्रदेश के कुख्यात बदमाश विक्की त्यागी का बेटा है. एसपी सिटी ने बताया कि आरोपी फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप के जरिए युवाओं से संपर्क कर अवैध हथियार सप्लाई करता था.
आरोपी ने बनाया था युवाओं का नेटवर्क
रक्षित त्यागी के पिता विक्की त्यागी की कुछ साल पहले मुजफ्फरनगर कोर्ट परिसर में गोली मारकर हत्या कर दी थी, उसकी पत्नी मीनू त्यागी भी कई गंभीर मामलों में जेल में बंद बताई जा रही है. पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी रक्षित त्यागी ने 20 से 30 साल के युवाओं का एक नेटवर्क बनाया गया था, जो वर्चस्व की लड़ाई और फायरिंग के शौक के चलते हथियार खरीदते थे.
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि अवैध असलाह का सोर्स मध्य प्रदेश के इंदौर से जुड़ा है. पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की तैयारी में है. आरोपी रक्षित त्यागी पर लगभग 15 मुकदमे दर्ज बताए जा रहे हैं, जिनमें अधिकांश मुजफ्फरनगर के हैं. मेरठ और देहरादून में भी इसके खिलाफ मामले दर्ज हैं. पुलिस मोबाइल डेटा और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर गैंग के सक्रिय सदस्यों की सूची तैयार कर रही है.