महाराष्ट्र के मुंबईकरों को होली पर एक बड़ी सौगात मिली है. मुंबई और विजयदुर्ग के बीच रो-पैक्स फेरी सेवा 1 मार्च 2026 से शुरू हो गई है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस सेवा का उद्घाटन किया और इसे समुद्री मार्ग से यात्रा का तेज और आरामदायक विकल्प बताया. फिलहाल मार्च में 16 दिनों का पायलट फेज चल रहा है.
12-15 घंटे का सफर अब सिर्फ 6-7 घंटे में
अब तक मुंबई से कोंकण जाने में सड़क मार्ग से 12 से 15 घंटे लगते थे. रो-पैक्स फेरी सेवा शुरू होने के बाद यही दूरी समुद्री मार्ग से मात्र 6 से 7 घंटे में तय की जा सकेगी. यह सेवा M2M प्रिंसेस हाई-स्पीड फेरी से संचालित होगी जो दक्षिण एशिया की सबसे तेज पैसेंजर-कम-व्हीकल फेरी में से एक मानी जाती है. मुंबई के भाऊचा धक्का फेरी स्टेशन से सुबह रवाना होकर यह विजयदुर्ग पहुंचेगी.
गाड़ी समेत कर सकेंगे सफर
रो-पैक्स फेरी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह रोल-ऑन और रोल-ऑफ सुविधा से लैस है. यानी यात्री अपनी दोपहिया या चारपहिया गाड़ी फेरी में चढ़ाकर साथ ले जा सकते हैं. यह सुविधा उन लोगों के लिए बेहद फायदेमंद होगी जो कोंकण में अपनी गाड़ी से घूमना चाहते हैं.
CM फडणवीस का ड्रीम प्रोजेक्ट
यह फेरी प्रोजेक्ट मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का ड्रीम प्रोजेक्ट बताया जा रहा है. मुंबई में लाखों कोंकणी लोग रहते हैं जो होली, गणेश उत्सव और गर्मी की छुट्टियों में सिंधुदुर्ग जाते हैं. ट्रेन में भीड़, टिकट न मिलने की समस्या और सड़क पर ट्रैफिक की मुश्किलों से अब इस रो-रो फेरी के जरिए छुटकारा मिलेगा. पायलट फेज में मुंबई और विजयदुर्ग से 8-8 प्रस्थान होंगे. कोंकण के बीच, विजयदुर्ग किला और सिंधुदुर्ग जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुंचना भी आसान होगा.