रायसेन में ऐतिहासिक किले से तोप चलाने और ईरान के समर्थन में नारे लगाने का वीडियो वायरल होने के मामले में मध्य प्रदेश पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है. इस मामले में कोतवाली पुलिस ने धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन और पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है.
क्या है पूरा मामला?
रायसेन किले से तोप चलाते हुए कुछ युवकों का वीडियो इंस्टाग्राम पर वायरल हुआ. वीडियो में युवक नारे लगाते हुए ईरान के समर्थन की बात करते सुनाई दे रहे हैं. बताया गया कि यह वीडियो रमजान के दौरान रोजा खोलने की सूचना देने के समय बनाया गया था.
हिंदू संगठन ‘अपना रायसेन’ ने कोतवाली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. शिकायत में कहा गया कि वीडियो में लगाए गए कुछ नारे आपत्तिजनक हैं, जिससे हिंदू समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं. संगठन ने आशंका जताई कि इससे शहर में सामाजिक सौहार्द्र बिगड़ सकता है और तनाव की स्थिति पैदा हो सकती है.
पुलिस ने की कार्रवाई
फरियादी की शिकायत के आधार पर थाना कोतवाली रायसेन में अपराध क्रमांक XX/26 के तहत धारा 196(1)(a) BNS में मामला दर्ज किया गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया.
गिरफ्तार आरोपियों में शादाब कुरैशी पिता शाहीर कुरैशी निवासी कसाई मोहल्ला रायसेन, युसूफ शेख पिता महफूज शेख निवासी चटाईपुरा भोपाल, वसीम मोहम्मद पिता इब्राहिम खान निवासी ऐशबाग भोपाल और पप्पू उर्फ सलमान कुरैशी पिता सलीम कुरैशी निवासी तलैया भोपाल शामिल हैं. पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले में अन्य संलिप्त लोगों की तलाश भी जारी है.
मानव अधिकार आयोग ने भी लिया संज्ञान
वीडियो सामने आने के बाद राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने इस मामले पर सोशल मीडिया के जरिए सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित किले से अवैध रूप से तोप चलाकर लोगों के जीवन को खतरे में डाला गया है.
उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई से न केवल आम नागरिकों की सुरक्षा खतरे में पड़ती है, बल्कि ऐतिहासिक और पुरातात्विक धरोहर को भी नुकसान पहुंच सकता है. उन्होंने प्रशासन और पुलिस को नोटिस भेजते हुए अवैध हथियार बनाने, गोला-बारूद चलाने और दहशत फैलाने जैसे आरोपों में भी कार्रवाई करने की बात कही.
मामले पर रायसेन तहसीलदार भरत मांडरे ने कहा कि वीडियो की जानकारी मिलने के बाद पुलिस को सूचित कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और जो भी विधिसम्मत कार्रवाई होगी, वह की जाएगी.