अमेरिका इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण मुरादाबाद के पीतल उधोग पर बुरा असर पड़ रहा है. मुरादाबाद में ‘दी हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन’ (HEA) के महासचिव सतपाल का कहना है कि अभी हम लोग अमेरिका के टैरिफ से बचे थे तो अब इस युद्ध ने सारा कारोबार ठप कर दिया है. जो माल मुरादाबाद के पीतल निर्यातकों का समुद्र के रास्ते कंटेनरों से जा रहा था वह अब रास्ते में रुका हुआ है और नए आर्डर आना बिलकुल बंद हो चुके हैं.
UAE के ग्राहकों से अच्छा आर्डर मिला लेकिन युद्ध ने…
अभी हम फ्रेंकफर्ट मेले से लौटे थे, वहां यूएई के ग्राहकों से हमें अच्छे आर्डर मिले थे लेकिन इस युद्ध ने पूरे मिडिल ईस्ट को अपनी चपेट में ले लिया है और मालूम नहीं की ये जंग कब तक और चलेगी. इस युद्ध से हमारी फैक्ट्रियों में गैस और तेल का संकट आ जाएगा. शिपिंग कम्पनियों ने विश्वव्यापी कार्गो बुकिंग अगली सूचना तक निलंबित कर दी है, इससे मुरादाबाद के निर्यातकों के कंटेनर रास्ते में ही फंस गए और नए ऑर्डर की बुकिंग में भी अनिश्चितता पैदा हो गई है.
अगर जंग लम्बी चली तो फैक्ट्रियों में छंटनी शुरू हो जाएगी
मुरादाबाद से हर साल करीब 11 हजार करोड़ रुपये के हस्तशिल्प उत्पाद हैंडीक्राफ्ट का निर्यात होता है. इनमें अमेरिका में ही करीब पांच हजार करोड़ का व्यापार होता है. लेकिन इस जंग ने सब कुछ रोक दिया है. अगर जंग लम्बी चली तो अब फैक्ट्रियों में कर्मचारियों की छंटनी भी शुरू हो जाएगी. हम पहले ईरान से कारोबार करते थे लेकिन अब वह तो बिलकुल ही बंद हो चुका है, थोड़ी उम्मीद मिडिल ईस्ट के देशों से थी लेकिन इस जंग ने सब कुछ बर्बाद कर दिया.
इस जंग का हमारे देश पर भी बुरा असर पड़ने वाला है और अकेले मुरादाबाद के पीतल कारोबार को इस से हजारों करोड़ का नुकसान होने की उम्मीद है. पहले टैरिफ और अब जंग ने कारोबार को बर्बाद कर दिया है.