उत्तर प्रदेश के महोबा में मिनी वृंदावन कहे जाने वाले चरखारी कस्बे में रंग पंचमी की धूम रही. गुमान बिहारी मंदिर में आयोजित भव्य रंग पंचमी कार्यक्रम में हीलियंस ग्रुप कानपुर के कलाकारों ने समां बांध दिया. इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक बृजभूषण राजपूत भी जनता के बीच पहुंचे और भक्ति गीतों पर झूमते हुए फूलों और गुलाल की होली खेली. विधायक खुद रंग पंचमी के रंग में रंगे नजर आए.
बुंदेलखंड के ऐतिहासिक कस्बे चरखारी, जिसे इसकी धार्मिक भव्यता के कारण मिनी वृंदावन का दर्जा प्राप्त है, वहां रंग पंचमी का पर्व बेहद खास अंदाज में मनाया गया. 108 श्री कृष्ण मंदिरों की इस नगरी में श्रद्धा और उल्लास का ऐसा संगम दिखा, जिसने ब्रज की होली की याद ताजा कर दी.
मंदिर ट्रस्ट द्वारा कार्यक्रम आयोजित
कार्यक्रम का मुख्य केंद्र रहा गुमान बिहारी मंदिर का मैदान, जहां मंदिर ट्रस्ट द्वारा रंग पंचमी कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कानपुर से आए हीलियंस ग्रुप के कलाकारों ने भगवान श्री कृष्ण और भोलेनाथ की मनमोहक झांकियां प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया. जैसे ही क्षेत्र के विधायक बृजभूषण राजपूत मंदिर प्रांगण में पहुंचे, स्थानीय नागरिकों, महिलाओं और युवाओं का उत्साह दोगुना हो गया.
विधायक ने विधि-विधान से शुरू करवाया कार्य्रकम
विधायक ने सर्वप्रथम भगवान गुमान बिहारी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और प्रदेश की खुशहाली की कामना की. इसके बाद शुरू हुआ रंग और गुलाल का वह सिलसिला, जिसमें जनप्रतिनिधि और जनता के बीच की दूरियां मिट गईं. महिलाएं, बच्चे और युवा विधायक को रंग लगाने के लिए आतुर दिखे, वहीं विधायक ने भी पूरी आत्मीयता के साथ सबको अबीर-गुलाल लगाकर रंग पंचमी की शुभकामनाएं दीं.
कलाकारों ने प्रस्तुतियों से बांधा समां
समारोह तब और जीवंत हो उठा जब हीलियंस ग्रुप ने होली के सदाबहार गीतों की प्रस्तुति दी. संगीत की धुन पर विधायक बृजभूषण राजपूत खुद को रोक नहीं पाए और स्थानीय लोगों के साथ जमकर थिरके. भगवान राधा-कृष्ण के स्वरूपों के साथ फूलों की होली खेलते हुए पूरा माहौल हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की के जयकारों से गूंज उठा. धार्मिक भजनों और फिल्मी गीतों के बीच आयोजित इस कार्यक्रम ने न केवल मनोरंजन किया, बल्कि समाज में आपसी प्रेम और भाईचारे का गहरा संदेश भी दिया.
चरखारी की इस गौरवशाली परंपरा को जीवित रखते हुए विधायक ने कहा कि सनातन संस्कृति और स्थानीय परंपराओं को आगे बढ़ाना हम सबकी जिम्मेदारी है. रंग पंचमी के इस खुशनुमा माहौल ने एक बार फिर साबित कर दिया कि चरखारी वाकई आस्था का केंद्र और बुंदेलखंड का अनमोल रत्न है.