महाकुंभ 2025 में रुद्राक्ष की माला बेचकर वायरल हुई मोनालिसा भोसले इन दिनों चर्चा में हैं. मोनालिसा ने हाल ही में फरमान खान नाम के युवक से केरल में शादी कर ली. अब इस शादी को लेकर देशभर में बहस छिड़ गई है और कुछ संगठनों ने इसे ‘लव जिहाद’ करार दिया है.
बता दें कि प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ के दौरान रुद्राक्ष की माला बेचने वाली युवती मोनालिसा भोसले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था. उसकी मुस्कान, बोलने का अंदाज और खास कर आंखों के रंग ने लाखों लोगों का ध्यान खींचा. अब मोनालिसा की शादी पर उठ रहे विवादों के स्वर के बीच शिवसेना (UBT) ने अपने मुखपत्र सामना के संपादकीय में तीखी टिप्पणी की है.
सामना का संपादकीय और तीखी टिप्पणी
शिवसेना (UBT) के मुखपत्र सामना में प्रकाशित संपादकीय में इस पूरे विवाद पर व्यंग्यात्मक अंदाज में प्रतिक्रिया दी गई है. संपादकीय में कहा गया कि मोनालिसा की शादी को लेकर कुछ तथाकथित नव-हिंदुत्ववादी इसे बड़ा संकट बताकर हंगामा कर रहे हैं.
लेख में लिखा कि ये नव-हिंदुत्ववादी नथुराम गोडसे के जन्मदिन पर महात्मा गांधी पर गोलियां चलानेवाले, ‘हमें मुसलमानों के वोट नहीं चाहिए’, ‘हिंदुओं को मुसलमानों की दुकानों से खरीदारी नहीं करनी चाहिए’ ऐसा आह्वान करनेवाले, ऐसा खुलेआम कहनेवाले, लेकिन मतदान की पूर्व रात्रि मुस्लिम बस्तियों में जाकर सौदेबाजी करनेवाले, गोमांस घर में रखने के संदेह में मुसलमानों की लिंचिंग करनेवाले लोग हैं.
संपादकीय में यह भी कहा गया कि संविधान प्रत्येक वयस्क को अपनी पसंद से विवाह करने का अधिकार देता है. स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत अंतरधार्मिक और अंतरजातीय विवाह पर कोई रोक नहीं है. ऐसे में लोगों के निजी जीवन में हस्तक्षेप करना उचित नहीं माना जा सकता.
एलपीजी सिलेंडर की किल्लत को लेकर तंज
संपादकिय में इस शादी पर इतनी चिंता जताने को लेकर भी तंज कसा गया है. लेख में लिखा, “मानो खाड़ी देशों में युद्ध भड़कने से भारत में जो एलपीजी सिलेंडर की किल्लत पैदा हुई और सिलेंडरों के लिए जो कतारें लगीं, वे जैसे मोनालिसा की शादी के कारण ही पैदा हुई हैं. यदि मोनालिसा ने फरमान खान से शादी नहीं की होती तो भारत की सभी समस्याओं का समाधान चुटकी बजाते ही हो गया होता. इसलिए ‘मोनालिसा का क्या किया जाए?”
लेख के अनुसार, “मोनालिसा भटके-विमुक्त समाज से आती है और परिवार के साथ तीर्थस्थलों पर माला बेचकर आजीविका चलाती रही है. कुंभ मेले में उसका वीडियो वायरल होने के बाद वह सोशल मीडिया पर काफी चर्चित हो गई थी. कुछ समय बाद अचानक उसकी और फरमान खान की मंदिर में शादी की खबर सामने आई, जिससे नव-हिंदुत्ववादियों के जीवन में भूकंप आ गया है.”
सुरक्षा की चिंता और सामाजिक बहस
मोनालिसा ने यह भी दावा किया कि शादी के बाद उनकी जान को खतरा महसूस हो रहा है, इसलिए दोनों केरल में शरण लेने पहुंचे. उसने कहा कि वह और फरमान एक-दूसरे से प्यार करते हैं और यह विवाह उनकी आपसी सहमति से हुआ है.
लेख में लिखा कि मोनालिसा भोसले ने कहा कि फरमान के साथ शादी उसकी मर्जी से हो रही है, वे एक-दूसरे से प्यार करते हैं, उसके पिता ने उसकी शादी उसी के बिरादरी में तय की थी और वे शादी के लिए दबाव डाल रहे थे, जिसके साथ शादी तय हुई थी, वह उशका भाई ही लगता था, उससे शादी करना उसे स्वीकार नहीं, उसी ने फरमान से शादी की जिद की, लेकिन अब उनकी जान को खतरा है इसलिए वे केरल में शरण लेने आए हैं.’ मोनालिसा का यह बयान काफी कुछ कहता है.”
दहेज के लिए प्रताड़ित होने वाली लड़कियों का किया जिक्र
लेख में लिखा कि बीजेपी शासित राज्यों में अब धर्मांतरण विरोधी कानून आ ही गया है. महाराष्ट्र में भी इस कानून का प्रवेश हो रहा है, यह अच्छी ही बात है, हालांकि, इस कानून के समर्थकों का कहना है कि ‘लव जिहाद’ जैसी घटनाओं पर रोक लगेगी, लेकिन हमारे ही समाज में बढ़ते तलाक और महिलाओं पर होनेवाले अत्याचारों को कोई गंभीरता से नहीं देखता. धूमधाम से शादी करके फिर उस नई बहू को दहेज के लिए प्रताड़ित करने और लड़कियों को घर में न बसाने जैसी घटनाओं को भी ‘लव जिहाद’ जैसा मानकर उन पर उतनी ही कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. मोनालिसा भोसले की शादी से जिन्हें दुख हुआ है, उन्हें अपने धर्म की महिलाओं के आंसू भी समझने चाहिए. भावनाओं का जाल और मानव मन एक अजीब रसायन है. आसपास की सामाजिक स्थिति इसके लिए जिम्मेदार है.