महाराष्ट्र सरकार ने बजट में किसानों के लिए बड़ी घोषणा की है. महाराष्ट्र सरकार का बजट पेश करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि किसानों की कर्जमाफी के मुद्दे पर सरकार ने पहले एक समिति गठित की थी, जिसकी सिफारिशों के आधार पर नई योजना लागू की जा रही है. इसके तहत 30 सितंबर 2025 तक जिन पात्र किसानों का फसल ऋण बकाया है, उन्हें राहत देने के लिए ‘पुण्यबाई अहिल्याबाई होलकर किसान कर्जमाफी योजना’ शुरू की जाएगी. इस योजना के तहत पात्र किसानों को अधिकतम 2 लाख रुपये तक के फसल ऋण की कर्जमाफी दी जाएगी. इसका लाभ लाखों किसानों को होगा.
इससे पहले सीएम ने बजट पेश करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार का फोकस खेती को आधुनिक बनाना, किसानों की आय बढ़ाना और ग्रामीण ढांचे को मजबूत करना है. इसी दिशा में मुख्यमंत्री बलीराजा शेत पाणंद योजना, प्राकृतिक खेती अभियान और कृषि मजदूरों को बीमा योजना में शामिल करने जैसे महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं.
सरकार ने पहली बार खेतों में काम करने वाले कृषि मजदूरों की सुरक्षा को लेकर भी बड़ा कदम उठाया है. गोपीनाथ मुंडे दुर्घटना सहायता योजना का दायरा बढ़ाते हुए इसमें कृषि मजदूरों को भी शामिल किया जाएगा. इससे दुर्घटना की स्थिति में मजदूरों के परिवारों को आर्थिक सहायता मिल सकेगी.
टिकाऊ कृषि को बढ़ावा मिले- सीएम
बजट में किसानों के लिए कई नई योजनाओं की भी घोषणा की गई है. मुख्यमंत्री बलीराजा शेत पाणंद योजना के तहत खेतों तक पहुंचने के लिए बेहतर और सुविधाजनक रास्ते बनाए जाएंगे, जिससे किसानों को खेती और फसल ढुलाई में आसानी होगी. वहीं अगले दो वर्षों में पूरे राज्य में ‘महाराष्ट्र प्राकृतिक खेती अभियान’ चलाया जाएगा, ताकि रासायनिक खेती पर निर्भरता कम हो और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा मिले.
महिला किसानों और पशुपालकों को भी इस बजट में विशेष महत्व दिया गया है. डेयरी, बकरी पालन और पोल्ट्री जैसे व्यवसायों को बढ़ावा देने के लिए महिला किसानों के लिए अलग आर्थिक सहायता योजना शुरू की जाएगी. ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए ग्राम सड़क योजना के तीसरे चरण के तहत करीब 23 हजार किलोमीटर लंबी सड़कों और पुलों का निर्माण किया जाएगा.
इसके अलावा किसानों को अपनी उपज का बेहतर दाम दिलाने के लिए कृषि वैल्यू चेन विकसित करने की भी योजना है. राज्य के 10 से 15 प्रमुख स्थानों पर कृषि उत्पादों के लिए वैल्यू चेन बनाई जाएगी, जिससे किसानों को बाजार तक बेहतर पहुंच और उचित कीमत मिल सके. कुल मिलाकर इस बजट में खेती, ग्रामीण विकास और किसानों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की कोशिश की गई है.