भारतीय चुनाव आयोग ने रविवार को चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनावों की घोषणा कर दी है. इसमें असम, केरल, पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी और तमिलनाडू शामिल हैं. इस बीच शिवसेना(UBT) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने 5 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में चुनाव की तारीखों के ऐलान पर प्रतिक्रिया दी है.
उन्होंने कहा है कि कम चरणों में चुनाव होना चाहिए और जल्द से जल्द चुनाव होने चाहिए. चुनावी प्रक्रिया खत्म होने के बाद जब सरकार कम समय में बनती है तो इससे जनता को समस्या नहीं होती और काम चलता रहता है.
प्रियंका चतुर्वेदी ने चुनाव के ऐलान पर क्या कहा?
सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि बहुत समय तक चुनाव चलता रहता है तो इसका खामियाजा जनता को ही भुगतना पड़ता है. बंगाल में 8 चरण से 2 चरणों में चुनाव होगा जिसका मैं स्वागत करती हूं लेकिन सवाल ये है कि लगभग 1 महीना लोगों को सरकार बनने के लिए इंतजार करना होगा.
उन्होंने आगे कहा कि वहीं चार राज्यों और एक UT के चुनावों की तारीखों की घोषणा की गई है लेकिन तबादले की कार्रवाई केवल पश्चिम बंगाल में हो रही है. ममता बनर्जी को लेकर उन्होंने कहा कि वे अपनी जगह से हटने वाली नहीं हैं. उनका जनता से जो जीता हुआ विश्वास है वही उन्हें फिर से सरकार बनाने का मौका देगा.
बंगाल में सिर्फ दो चरणों में हो रहा चुनाव
भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) द्वारा रविवार को 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के लिए दो चरणों में मतदान का कार्यक्रम घोषित किए जाने के साथ ही, राज्य में 25 वर्षों के बाद इतने सीमित चरणों में चुनाव होंगे. राज्य में 23 और 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे और 4 मई को परिणाम आएंगे
2001 के बाद यह पहली बार होगा कि पश्चिम बंगाल में चुनाव सिर्फ दो चरणों में होंगे.मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने रविवार को कहा, सभी संबंधित पक्षों से चर्चा करने के बाद, आयोग को भी इस बार पश्चिम बंगाल में चुनाव दो चरणों में कराना जरूरी लगा.
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