राज्यसभा चुनावों के दौरान कथित क्रॉस-वोटिंग को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. जिसे लेकर शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने आज (18 मार्च) दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बीजेपी ने पैसे और सत्ता के दम पर अलग-अलग राज्यों में क्रॉस-वोटिंग करवाई. उन्होंने दावा किया कि यह सिर्फ एक राज्य में नहीं किया गया, बल्कि हरियाणा, बिहार और ओडिशा जैसे राज्यों में भी इसी तरह की रणनीति अपनाई गई.
किसके पक्ष में करवाई गई क्रॉस-वोटिंग- संजय राउत
संजय राउत ने विशेष रूप से ओडिशा पर सवाल उठाया कि वहां किसके पक्ष में क्रॉस-वोटिंग करवाई गई. उन्होंने आरोप लगाया कि जिस व्यक्ति को समर्थन दिया गया, उस पर कोयला घोटाले के आरोप थे. राउत के बताया कि, उस व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज थी और अदालत ने उसे दोषी करार देते हुए तीन साल की सजा भी सुनाई थी. ऐसे व्यक्ति के लिए क्रॉस-वोटिंग करवाना बीजेपी की पर कई सवाल खड़े करता है.
इन विधायकों को 50 करोड़ रुपये से भी अधिक की राशि दी गई
उन्होंने आगे कहा कि जिन विधायकों ने क्रॉस-वोटिंग की, चाहे वे बीजेडी के हों या कांग्रेस के, उन्हें करोड़ो रुपए दिए गए. राउत का दावा है कि इन विधायकों को 50 करोड़ रुपये से भी अधिक की धनराशि दी गई, और कुछ पैसा मुंबई से भी मंगवाया गया था. उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी का अधिकतर समय तो खरीदी-बिक्री में ही बीतता है.
संजय राउत ने यह भी कहा कि जिस तरह के आरोपों से घिरे व्यक्ति को चुनने का बीजेपी ने कार्य किया है, वह बेहद शर्मनाक है और जिस पर पार्टी को शर्म तक नहीं आई. उन्होंने बीजेपी के खुद को नैतिक और संस्कारी पार्टी बताने पर भी सवाल उठाए और कहा कि पता नहीं देश में ये सब क्या चल रहा है?