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Maharashtra: ब्लैकमेलिंग से टूटा फार्मा कंपनी का कर्मचारी, लाखों रुपये देने के बाद किया सुसाइड

Maharashtra News: महाराष्ट्र के कल्याण ईस्ट में एक फार्मा कंपनी के सीनियर एम्प्लॉई के सुसाइड की चौंकाने वाली घटना सामने आई है. इसकी वजह साइबर क्रिमिनल्स की कई महीनों से चल रही ब्लैकमेलिंग है. परिवार ने आरोप लगाया है कि आरोपी लगातार मॉर्फ्ड अश्लील फोटो वायरल करने की धमकी देकर उनसे पैसे ऐंठ रहे थे. इस मामले में कोलसेवाड़ी पुलिस स्टेशन में एक्सीडेंटल डेथ का केस दर्ज किया गया है.

इस बारे में मिली जानकारी के मुताबिक, रमेश (बदला हुआ नाम) ने 7 जनवरी को कल्याण के एक पुराने फ्लैट में फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया. घटना के बाद परिवार ने पुलिस को इन्फॉर्म किया तो पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा करके आगे की कार्रवाई शुरू कर दी.

कई महीनों से साइबर क्रिमिनल्स के जाल में फंसा था रमेश

मृतक के बड़े भाई की शिकायत के मुताबिक, रमेश कई महीनों से साइबर क्रिमिनल्स के जाल में फंसा हुआ था. परिवार ने उसके दोस्तों से बातचीत की तो पता चला कि वह बड़ी फाइनेंशियल क्राइसिस में था. यह भी बताया गया कि लगातार स्ट्रेस में रहने के कारण वह मानसिक तनाव में रह रहा था. फाइनेंशियल दिक्कतों के चलते उसने एक दोस्त से डेढ़ लाख रुपये लिए थे.

रमेश काफी पढ़ा-लिखा था. ग्रेजुएशन के साथ-साथ उसके पास लॉ की डिग्री भी थी और वह एक जानी-मानी दवा कंपनी में जोनल मैनेजर के तौर पर काम कर रहा था. लेकिन परिवार का कहना है कि साइबर क्रिमिनल्स की धमकियों की वजह से वह मानसिक तनाव में है.

बता दें कि जब परिवार को शक हुआ तो उन्होंने रमेश का ई-मेल और वॉट्सऐप चेक किया तो 10 अप्रैल, 2025 का एक मैसेज मिला. इसमें किसी अनजान व्यक्ति ने वॉट्सऐप के ज़रिए उसकी मॉर्फ्ड अश्लील तस्वीरें भेजी थीं. आरोपी ने यह फोटो उसके कॉन्टैक्ट्स में शेयर करने की धमकी देकर पैसे मांगे.

धमकियां मिलती रहीं तो बार-बार भेजे पैसे

पुलिस के मुताबिक, शुरू में रमेश ने आरोपी को ऑनलाइन 15 हज़ार रुपये ट्रांसफर किए. लेकिन उसके बाद भी धमकियां मिलती रहीं तो वह बार-बार पैसे भेजता रहा. जांच के दौरान जब पुलिस ने पंजाब नेशनल बैंक से उसके बैंक अकाउंट की जानकारी ली तो पता चला कि 10 अप्रैल 2025 से 6 जनवरी 2026 के बीच उसके अकाउंट से अलग-अलग बैंक अकाउंट में कई ऑनलाइन ट्रांजैक्शन हुए थे.

परिवार वालों के मुताबिक, रमेश ने अपनी मौत से पहले पिछले 15 दिनों में अनजान अकाउंट में दो लाख रुपये से ज़्यादा ट्रांसफर किए थे. उन्होंने संभावना जताई है कि कुल रकम इससे ज़्यादा हो सकती है. परिवार वालों ने बताया कि रमेश ने आरोपियों को बड़ी रकम भेजने के बावजूद अपने दोनों बच्चों की स्कूल फीस नहीं भरी थी, जिससे पता चलता है कि वह कितने मानसिक तनाव में था.

पहले भी हो चुका है साइबर फ्रॉड का शिकार

इस बीच, रमेश पहले भी साइबर फ्रॉड का शिकार हो चुका था. जून 2024 में कुछ जालसाजों ने KYC अपडेट करने के बहाने बैंक से करीब 2.73 लाख रुपये की ठगी की थी. उस समय उसने पुलिस के साथ-साथ साइबर क्राइम पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई थी. हालांकि, परिवार के मुताबिक, उस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई और न ही उसके पैसे वापस किए गए.

मृतक के भतीजे ने कहा कि रमेश के ई-मेल से पता चला कि साइबर क्रिमिनल्स ने अप्रैल 2025 में उसे फिर निशाना बनाया. उसने उसकी कॉन्टैक्ट लिस्ट में मौजूद लोगों को मॉर्फ्ड फोटो भेजने की धमकी दी और पैसे मांगे. रमेश ने साइबर हेल्पलाइन के ई-मेल पर धमकी भरे मैसेज, स्क्रीनशॉट और मॉर्फ्ड फोटो भेजकर शिकायत भी की थी. लेकिन उसने अपने परिवार को नहीं बताया.

पुलिस इस मामले में और जांच कर रही 

परिवार वालों के मुताबिक, वही गैंग कई महीनों से उसे धमकाकर पैसे मांग रहा था. या दबाव के कारण बार-बार पैसे ट्रांसफर करता रहा. मृतक के भाई ने आरोप लगाया कि अगर अप्रैल 2025 में दर्ज शिकायत की ठीक से जांच की गई होती और समय पर कार्रवाई की गई होती तो यह घटना टाली जा सकती थी. कोलसेवाड़ी पुलिस इस मामले में और जांच कर रही है और साइबर क्रिमिनल्स की तलाश का काम जारी है.

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