महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में गैस की दिक्कत के चलते आज (बुधवार, 11 मार्च) भी कई होटल प्रभावित हैं. 20 प्रतिशत से ज्यादा होटलों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है. बीते दिन जिन होटलों में सिलेंडर की कमी की वजह से काम प्रभावित था, आज उन्होंने बड़े होटलों से सिलेंडर उधार लिए हैं और शाम तक चलाने की कोशिश कर रहे हैं.
दूसरी तरफ, खाने का मेन्यू आधे से भी कम हो गया है. जिस चीज को बनाने में ज्यादा वक्त लगता है, अब वह आपको खाने में नहीं मिलेगी. जैसे चाय और डोसा सिर्फ लिमिटेड टाइम के लिए मिलेगा. बिरयानी और पाव भाजी भी नहीं बन पाएगी क्योंकि उसके लिए ज्यादा गैस लगती है.
नहीं मिल सकेगा गर्म और ताजा खाना
ताजा और तुरंत का गर्म खाना भी नहीं मिल पाएगा, जो बना है उसी में से देंगे. साथ ही होटल ने ग्राहकों के लिए बाहर बोर्ड भी लगा दिया है कि गैस की दिक्कत के चलते सब कुछ नहीं मिलेगा. इतना ही नहीं, बाकी जो छोटे होटल थे वो आज भी बंद ही हैं.
पेट्रोलियम मंत्री से मदद की मांग
इंडियन होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन (आहार) ने कमर्शियल सिलेंडर्स की कमी पर चिंता जताई है. आहार ने कहा है कि कमर्शियल सिलेंडर्स की भारी कमी हो गई है. इस वजह से करीब 20 फीसदी होटल और रेस्टोरेंट को अपना संचालन बंद करना पड़ा है. साथ ही, आहार ने पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी को पत्र लिखकर समाधान की मांग की है. वहीं, गैस संकट को लेकर आहार प्रतिनिधिमंडल आज महाराष्ट्र के खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल से मुलाकात करेगा.
बंद हो सकते हैं 50 फीसदी होटल
आहार के अध्यक्ष विजय शेट्टी ने चेतावनी दी कि अगर अगले 72 घंटों के भीतर आपूर्ति बहाल नहीं की गई तो मुंबई के 50 फीसदी तक रेस्टोरेंट बंद हो सकते हैं. अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष बढ़ने से होर्मुज जलडमरूमध्य से टैंकरों की आवाजाही लगभग ठप हो गई है. भारत भी अपनी एलपीजी गैस का एक बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से आयात करता है, इसलिए आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है.