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LPG Crisis: छत्तीसगढ़ में एलपीजी गैस संकट से होटल कारोबारी बेहाल, लकड़ी के चूल्हों पर बन रहा खाना

देश के कई हिस्सों की तरह छत्तीसगढ़ में भी इन दिनों रसोई गैस की भारी किल्लत देखने को मिल रही है. हालात ऐसे बन गए हैं कि गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही लोगों की लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं, लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी कई लोगों को सिलेंडर नहीं मिल पा रहा. बताया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय हालात और आपूर्ति में कमी की वजह से एलपीजी की सप्लाई प्रभावित हुई है, जिसका असर सीधे आम लोगों और कारोबार पर पड़ रहा है.

होटल-रेस्टोरेंट में फिर जलने लगे लकड़ी के चूल्हे

गैस की कमी का सबसे ज्यादा असर होटल और रेस्टोरेंट कारोबार पर पड़ा है. प्रशासन की ओर से कॉमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई बंद होने के कारण कई रेस्टोरेंट संचालक मजबूरी में पुराने तरीके अपनाने लगे हैं. कहीं लकड़ी के चूल्हों पर खाना बनाया जा रहा है तो कहीं इंडक्शन चूल्हों का सहारा लिया जा रहा है.

रायपुर-नागपुर नेशनल हाईवे पर स्थित अमृत वेज रेस्टोरेंट के मैनेजर भूपेश साहू का कहना है कि गैस की कमी की वजह से रेस्टोरेंट के मेनू से कई आइटम हटाने पड़े हैं. उन्होंने बताया कि ग्राहकों को खाली हाथ लौटाना ठीक नहीं लगता, इसलिए अब लकड़ी के चूल्हे पर भी खाना बनाना पड़ रहा है.

कारोबार पर पड़ रहा सीधा असर

इसी तरह रसोई रेस्टोरेंट के मैनेजर ब्रजेश टांक भी गैस संकट से परेशान हैं. उनका कहना है कि कॉमर्शियल सिलेंडर नहीं मिलने से व्यापार पर सीधा असर पड़ रहा है.

कई बार ग्राहकों को उनकी पसंद का खाना नहीं मिल पाता, जिससे रेस्टोरेंट की बिक्री भी घट रही है. उन्होंने कहा कि हालात ऐसे हो गए हैं कि पुराने जमाने की तरह लकड़ी के चूल्हों पर खाना बनाकर काम चलाना पड़ रहा है.

गैस की कमी का असर सिर्फ कारोबारियों पर ही नहीं बल्कि ग्राहकों पर भी पड़ रहा है. रायपुर में अपने पिता का जन्मदिन मनाने रेस्टोरेंट पहुंचे अमित बघेल ने बताया कि परिवार के साथ खुशी का मौका मनाने आए थे, लेकिन यहां मेनू में कई चीजें उपलब्ध नहीं हैं. उन्होंने कहा कि घर में गैस की कमी से पहले ही परेशानी हो रही है और अब बाहर भी मनपसंद खाना नहीं मिल पा रहा.

एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें

छत्तीसगढ़ के कई शहरों से ऐसी तस्वीरें सामने आ रही हैं जहां गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की लंबी लाइनें लगी हुई हैं. कई लोग सुबह से सिलेंडर लेकर एजेंसी के बाहर खड़े रहते हैं, लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी सिलेंडर नहीं मिल पाता. इससे लोगों की परेशानी और बढ़ती जा रही है.

रसोई गैस की किल्लत को लेकर अब राजनीति भी तेज हो गई है. कांग्रेस नेताओं ने इस मुद्दे को लेकर सरकार पर निशाना साधा है. राजनांदगांव की पूर्व महापौर हेमा देशमुख का कहना है कि सरकार दावा कर रही है कि गैस की कोई कमी नहीं है, लेकिन हकीकत में लोग परेशान हैं. उनका आरोप है कि कई जगह सिलेंडर की बुकिंग तक बंद कर दी गई है और जहां बुकिंग हो रही है वहां ओटीपी तक नहीं पहुंच रहा.

सरकार का दावा, जल्द सुधरेंगे हालात

हालांकि सरकार का कहना है कि गैस की सप्लाई जल्द सामान्य हो जाएगी और कॉमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति भी फिर शुरू कर दी जाएगी. लेकिन फिलहाल हालात ऐसे हैं कि आम लोगों से लेकर होटल कारोबार तक हर कोई इस संकट से जूझ रहा है. अगर जल्द समाधान नहीं निकला तो आने वाले दिनों में यह समस्या और गंभीर हो सकती है.

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