अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण गैस की किल्लत और दामों में बढ़ोतरी का असर अब रमज़ान के पाक महीने में होटल रेस्टॉरेंट में सहरी करने वाले रोज़ेदारों की जेब पर भी पड़ रहा है. रमज़ान के महीने में उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में रात में होटल, ढाबे और रेस्टारेंट गुलज़ार हैं और रोज़ेदारों सहरी कर रहे हैं. लेकिन गैस की किल्लत के कारण रोज़ेदारों की थाली भी अब महंगी हो गयी है.
होटल मालिकों के कहना है कि अभी तो गैस है जिस से खाना बन रहा है, लेकिन आगे गैस कब मिलेगी कुछ कहा नहीं जा सकता. अगर ऐसे ही हालात रहे तो होटल बन्द भी करना पड़ सकता है. फिलहाल जो लोग अकेले या परिवार के साथ यहां सहरी करने आये हुए हैं, उनका कहना है कि गैस किल्लत और दाम बढ़ने का सीधा असर उनकी खाने की थाली पर पड़ रहा है. सरकार को इस पर काबू करना चाहिए.
दिल्ली में होटल बंद कर लौटे
मुरादाबाद में सहरी कर रहे एक रोजेदार ने बताया कि उसका दिल्ली में अपना होटल था, लेकिन कॉमर्शियल गैस न मिलने के कारण होटल बन्द कर मुरादाबाद आ गए हैं, और आज यहां सहरी करने आये हैं तो खाना तो यहां अच्छा मिल रहा है. लेकिन आगे कब तक मिल पायेगा कुछ कह नहीं सकते क्योंकि गैस की किल्लत हर जगह बढ़ती जा रही है. ग्राहकों का कहना है कि खाना महंगा हो गया है, युद्ध रुकना चाहिए वर्ना हालात बिगड़ते चले जायेंगे.
कई होटल-रेस्टोरेंट बंद
युद्ध का असर हर आदमी पर पड़ रहा है. कारोबार रुक गया है ऐसे में कितने दिन सहन कर पाएंगे. कई होटल और रेस्टारेंट तो बन्द भी हो गए हैं. चाहे महिलाएं हों या पुरूष और चाहे नौजवान हर कोई यही बता रहा है कि खाने की प्लेट पर महंगाई बढ़ रही है. ऐसे में अपनी पसंद का खाना खाना भी मुश्किल होता जा रहा है. वहीं होटल संचालक का कहना है कि बुकिंग कराने के बावजूद कॉमर्शियल गैस का सिलेण्डर मिलना मुश्किल हो रहा है, जबकि पहले अगले दिन ही सिलेंडर मिल जाता था ऐसे में कुछ नहीं मालूम कब तक होटल चल पाएगा.