ईरान इजरायल युद्ध से उत्पन्न हुए एलपीजी सिलेंडर संकट का असर भोपाल के जायके पोहा-जलेबी पर भी पड़ रहा है. कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर पर रोक के बाद अब भोपाल, इंदौर और मध्य प्रदेश की पहचान पोहा जलेबी की दुकानों पर बंद होने का संकट गहरा गया है.
पोहा जलेबी बनाने के लिए तो एलपीजी गैस लगती ही है, साथ ही पोहे को लगातार गर्म बनाए रखने के लिए भी उबलते हुए पानी के बर्तन पर रखना पड़ता है. इसमें लगातार गैस की खपत होती है. पोहा दुकानदारों का कहना है कि अब उनके पास कुछ आखिरी सिलेंडर बचे हैं. कल से कोई और विकल्प तलाशेंगे. नहीं तो दुकान बंद करनी पड़ेगी.
35 साल में पहली बार बंद हो रही दुकान
भोपाल के एमपी नगर क्षेत्र में 35 साल पुरानी पोहा-जलेबी की दुकान है. दुकानदार का कहना है 35 सालों में एलपीजी सिलेंडर की वजह से कभी दुकान बंद नहीं करनी पड़ी. पोहा जलेबी खाने आए लोगों का कहना है कि पोहा भोपाल और मध्य प्रदेश की पहचान है. हम रोज पोहा खाते हैं. हो सकता है यह आखिरी पोहा-जलेबी हो इसलिए आज सभी सुबह-सुबह ही दुकान पर पहुंच गए हैं.
एलपीजी सिलेंडर का क्राइसिस ऐसे ही बना रहा तो देश के बाकी शहरों की तरह वहां की पहचान और जायका जैसे भोपाल में पोहा जलेबी पर ब्रेक लग सकता है.