उत्तर प्रदेश में एलपीजी गैस की किल्लत ने अब गंभीर रूप ले लिया है. लखनऊ सहित प्रदेश के तमाम जिलों में गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही लंबी कतारें लग रही हैं. जो लोग कभी घर में सोते थे वे अब सुबह लाल सिलेंडर लेकर कतार में खड़े नजर आ रहे हैं.
गैस बुकिंग का नंबर काम नहीं कर रहा जिससे परेशानी और बढ़ गई है. हालत यह है कि जिन घरों में पाइपलाइन से गैस आती है वे लोग भी डरे हुए हैं कि कहीं सप्लाई बंद न हो जाए.
लखनऊ यूनिवर्सिटी कैंपस में हालात बिगड़े
लखनऊ विश्वविद्यालय की कैंटीन में सिलेंडर खत्म हो गए हैं. लकड़ी की आग के सहारे चल रही कैंटीन अब छात्रों को डरा रही है कि दाम बढ़े तो क्या होगा. छात्रावास में भी सिलेंडर खत्म हैं और कोयले की अंगीठी का सहारा लिया जा रहा है. छात्रों का कहना है कि इससे व्यवस्था पहले से ही प्रभावित हो चुकी है और अगर हालात नहीं सुधरे तो मेस बंद भी हो सकता है.
लंगर लकड़ी के सहारे
एलपीजी की किल्लत का असर आस्था के केंद्रों तक पहुंच गया है. लखनऊ के हनुमान सेतु मंदिर में गैस की कमी से व्यवस्था प्रभावित हुई है. अब प्रसाद कोयले की अंगीठी पर बन रहा है और लंगर भी लकड़ी के सहारे पकाया जा रहा है. मंदिर प्रशासन की चिंता बढ़ती जा रही है कि आगे हालात और न बिगड़ें.
AAP ने किया प्रदर्शन
गैस संकट पर आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय के पास प्रदर्शन कर सरकार को निशाने पर लिया. प्रदर्शन के बाद पुलिस ने कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर इको गार्डन भेज दिया.
प्रशासन का दावा – कालाबाजारी पर नजर
एलपीजी किल्लत के बीच प्रशासन भी मैदान में उतरने की बात कह रहा है. अधिकारियों का कहना है कि कालाबाजारी पर पैनी नजर रखी जा रही है. लेकिन बड़ा सवाल यह है कि प्रशासनिक मुस्तैदी के बावजूद लोग कालाबाजारी की शिकायत करते नजर आ रहे हैं और आम जनता की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही.