जम्मू-कश्मीर पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने सोमवार (9 फरवरी) को ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया. इस अवसर पर उन्होंने नई दिल्ली स्थित ईरानी कल्चरल सेंटर और ईरान के दूतावास का दौरा कर शोक संवेदना प्रकट की. महबूबा मुफ्ती ने ईरान के लोगों के साथ एकजुटता दिखाते हुए कहा कि यह उनके लिए बेहद कठिन समय है और इस दुख की घड़ी में वह ईरान की जनता के साथ खड़ी हैं. उन्होंने अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन को बड़ी क्षति बताते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की.
ईरान में पढ़ाई कर रहे कश्मीरी छात्रों के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया
अपने इस दौरे के दौरान महबूबा मुफ्ती ने केवल शोक व्यक्त ही नहीं किया, बल्कि ईरान में पढ़ाई कर रहे कश्मीरी छात्रों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया. उन्होंने ईरानी अधिकारियों से मुलाकात कर वहां अलग-अलग शहरों और विश्वविद्यालयों में पढ़ रहे कश्मीरी छात्रों की सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की. मुफ्ती ने ईरान के राजदूत और अन्य अधिकारियों से बातचीत करते हुए उनसे आग्रह किया कि इन छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और यदि संभव हो तो उनकी जल्द और सुरक्षित घर वापसी के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं.
वर्तमान स्थिति को देखते हुए छात्रों और उनके परिवारों में चिंता का माहौल
एक बयान के अनुसार, महबूबा मुफ्ती ने ईरानी अधिकारियों से कहा कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए छात्रों और उनके परिवारों में चिंता का माहौल है. ऐसे में दोनों देशों के अधिकारियों को मिलकर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ईरान में मौजूद कश्मीरी छात्र सुरक्षित रहें और जरूरत पड़ने पर उन्हें शीघ्र अपने घर लौटने में मदद मिल सके. उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि छात्रों की भलाई और सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए.
मुफ्ती ने इस दौरान ईरान के लोगों के प्रति अपनी गहरी सहानुभूति व्यक्त की और क्षेत्र में शांति तथा स्थिरता की कामना की. उन्होंने कहा कि ऐसे कठिन समय में मानवीय संवेदना और सहयोग की भावना बेहद महत्वपूर्ण होती है.