मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के मद्देनज़र मुजफ्फरनगर जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है. जिले के सैकड़ों लोग इज़रायल, दुबई समेत अन्य खाड़ी देशों में रोजगार के लिए रह रहे हैं. मौजूदा हालात को देखते हुए यहां उनके परिजनों की चिंता बढ़ गई है. प्रशासन ने एहतियातन कदम उठाते हुए इमरजेंसी व्यवस्था लागू की है.
कलेक्ट्रेट में इमरजेंसी कंट्रोल रूम स्थापित
स्थिति को गंभीरता से लेते हुए मुजफ्फरनगर कलेक्ट्रेट परिसर में इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (कंट्रोल रूम) स्थापित किया गया है. यह कंट्रोल रूम 24×7 सक्रिय रहेगा, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता दी जा सके. टोल फ्री नंबर 1077 जारी किया गया है, जिस पर कोई भी व्यक्ति संपर्क कर सकता है. इसके अलावा अन्य संपर्क नंबर भी चौबीसों घंटे सक्रिय रखे गए हैं. प्रशासन की तरफ से हर संभव मदद का प्रयास किया जा रहा है.
इसके अलावा 9412210080 और 0131-2436918 जैसे अन्य संपर्क नंबर भी सक्रिय हैं. इन हेल्पलाइन पर कॉल कर परिजन अपने रिश्तेदारों की लोकेशन, स्थिति और आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.
परिजनों को हरसंभव मदद का भरोसा
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी परिवार का सदस्य युद्ध प्रभावित क्षेत्र में फंसा है तो सरकार की ओर से हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी. हेल्पलाइन पर कॉल कर परिजन अपने रिश्तेदारों की जानकारी साझा कर सकते हैं और प्रशासन से सहयोग प्राप्त कर सकते हैं.
अफवाहों से बचने की अपील
एडीएम फाइनेंस ने बताया कि वैश्विक स्तर पर उत्पन्न असामान्य परिस्थितियों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है. उन्होंने आम जनता से अपील की है कि किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और केवल अधिकृत हेल्पलाइन नंबर पर ही संपर्क करें. प्रशासन का कहना है कि संकट की इस घड़ी में प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा और सही जानकारी सुनिश्चित करना है.