ईरान पर अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमले के बाद पश्चिम एशिया में हालात तनावपूर्ण हो गए हैं. इसी बीच महाराष्ट्र के जालना से कांग्रेस के लोकसभा सांसद कल्याण काले दुबई में फंस गए हैं. हवाई क्षेत्र बंद होने और उड़ानों के रद्द होने की वजह से वे फिलहाल वापस नहीं लौट पा रहे हैं. हालांकि परिवार ने साफ किया है कि वे पूरी तरह सुरक्षित हैं और घबराने की कोई बात नहीं है.
सांसद के भाई जगन्नाथ काले ने सोमवार (2 मार्च) को यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि कल्याण काले शुक्रवार (27 फरवरी) को कुछ दोस्तों के साथ दुबई गए थे. उनका कार्यक्रम 3 मार्च को अबू धाबी होते हुए भारत लौटने का था. लेकिन ईरान पर हमले के बाद कई देशों ने अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया, जिससे उड़ानें रद्द हो गईं और वे वहीं फंस गए.
जगन्नाथ काले ने बताया कि वे सुरक्षित हैं. हमने वहां स्थित भारतीय दूतावास को उनकी जानकारी दे दी है. उड़ानें दोबारा शुरू होते ही या सरकार के निर्देश मिलने पर वे वापस लौट आएंगे.
मराठवाड़ा के 61 लोग अलग-अलग देशों में फंसे
सिर्फ सांसद ही नहीं, बल्कि महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र के कुल 61 लोग भी दुबई, बहरीन, कतर और अबू धाबी में फंसे हुए हैं. मंडल आयुक्तालय के एक अधिकारी ने बताया कि इनमें कुछ पर्यटक हैं, तो कुछ काम के सिलसिले में गए थे. कई लोगों के पास रेसिडेंट वीजा भी है. फंसे लोगों में नांदेड़ के 24, लातूर के 12, बीड के 10, परभणी और जालना के 6-6, छत्रपति संभाजीनगर के दो और हिंगोली के एक व्यक्ति शामिल हैं. धाराशिव जिले के लोगों का विवरण अभी सामने नहीं आया है.
प्रशासन और दूतावास से संपर्क
मराठवाड़ा के जिन जिलों के लोग फंसे हैं, वहां के प्रशासन को जानकारी दे दी गई है. जिला प्रशासन भारतीय दूतावास के संपर्क में है, ताकि जरूरत पड़ने पर मदद पहुंचाई जा सके. इधर ठाणे और पालघर जिलों में भी प्रशासन अलर्ट पर है.
ठाणे कलेक्टर श्रीकृष्ण पांचाल और पालघर कलेक्टर इंदु रानी जाखड़ ने अपील की है कि जिन लोगों के रिश्तेदार खाड़ी देशों में फंसे हैं, वे जिला आपदा प्रबंधन केंद्र से संपर्क करें और पूरी जानकारी दें. इससे दूतावासों के साथ तालमेल बनाए रखने में आसानी होगी.
फिलहाल सुरक्षित, उड़ानों का इंतजार
परिवार और प्रशासन दोनों का कहना है कि सभी लोग फिलहाल सुरक्षित हैं. अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि हवाई सेवाएं कब बहाल होती हैं. जैसे ही एयरस्पेस दोबारा खुलेगा, फंसे हुए लोग भारत लौट सकेंगे. तब तक सरकार और दूतावास की ओर से लगातार हालात पर नजर रखी जा रही है.
ईरान पर हमले के बाद बढ़ा तनाव
बता दें ईरान पर अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमले के बाद हालात तेजी से बिगड़े. इस हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर भी सामने आई है. इसके जवाब में ईरान ने खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए. सुरक्षा कारणों से कई देशों ने अपना एयरस्पेस बंद कर दिया, जिससे अंतरराष्ट्रीय उड़ानें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं.