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Indore Rangpanchami: रंगों की बारिश में डूबा राजवाड़ा, 77 साल पुरानी गैर में उमड़ा जनसैलाब

मध्य प्रदेश के इंदौर में रंगपंचमी का उत्साह इस बार भी अपने पूरे शबाब पर नजर आया. शहर की ऐतिहासिक और करीब 77 साल पुरानी गैर की परंपरा के तहत आज राजवाड़ा क्षेत्र में रंग, गुलाल और उत्साह की अनोखी तस्वीर देखने को मिली. हजारों की संख्या में लोग इस गैर में शामिल हुए और रंगों की बारिश के बीच ढोल-ताशों की गूंज से पूरा शहर गूंज उठा. आयोजन को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं और पूरे मार्ग पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है.

दरअसल रंगपंचमी के अवसर पर इंदौर की प्रसिद्ध गैर इस बार भी पूरे उत्साह और परंपरागत अंदाज में निकाली गई. शहर की दशकों पुरानी परंपरा को निभाते हुए गिरी परिवार की ओर से गैर का पहला जुलूस निकाला गया, जो शहर के हृदय स्थल राजवाड़ा पहुंचा. इस दौरान सड़कों पर हजारों लोग रंग और गुलाल में सराबोर होकर जश्न मनाते नजर आए. ढोल-ताशों की गूंज और पारंपरिक वेशभूषा में शामिल लोग इस उत्सव को और भी खास बना रहे थे. इस ऐतिहासिक आयोजन को देखते हुए पुलिस और जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया. 

पूरे रूट पर 500 सीसीटीवी लगाए गए

गैर के पूरे मार्ग पर करीब 500 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और ड्रोन कैमरों के जरिए लगातार निगरानी की जा रही है. आयोजन को सुरक्षित और शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए करीब 4000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है. इसके साथ ही सादी वर्दी में पुलिसकर्मी भी भीड़ के बीच नजर रख रहे हैं, ताकि किसी भी तरह की शरारत या उपद्रव को तुरंत रोका जा सके. इस दौरान प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, पुलिस विभाग और नगर निगम के अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहकर व्यवस्थाओं पर नजर बनाए हुए हैं. वहीं भागीरथपुरा क्षेत्र में हुई घटना के चलते वहां के जनप्रतिनिधियों ने इस बार गैर में शामिल न होने का फैसला लिया है.

सात दशक से चली आ रही परंपरा

वही करीब सात दशक से भी ज्यादा समय से चली आ रही रंगपंचमी की गैर इंदौर की सांस्कृतिक पहचान बन चुकी है. रंग, गुलाल, संगीत और उत्साह के साथ मनाया जाने वाला यह आयोजन शहर की गंगा-जमुनी संस्कृति और उत्सवधर्मिता का प्रतीक है, जिसे देखने के लिए हर साल देश-विदेश से लोग इंदौर पहुंचते हैं.

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