हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर स्थित सिद्धार्थ राजकीय महाविद्यालय नादौन के 29वें वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह में मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया. इस अवसर पर उन्होंने मेधावी छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि राज्य सरकार विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने के लिए शिक्षा व्यवस्था में आवश्यक सुधार कर रही है. मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 140 स्कूलों को सीबीएसई पाठ्यक्रम आधारित बनाया जा रहा है और अगले दो महीनों में इन स्कूलों में सभी आवश्यक अध्यापक उपलब्ध करवा दिए जाएंगे, साथ ही विद्यार्थियों के लिए अलग ड्रेस कोड भी तय किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा विभाग में जल्द ही 400 लेक्चरर और 400 असिस्टेंट लेक्चरर के पद भरे जाएंगे तथा साइंस कॉलेज हमीरपुर के लिए 20 करोड़ रुपये देने की घोषणा भी की गई है.
हमीरपुर में कैंसर अस्पताल के लिए 300 करोड़ रुपये किए गए स्वीकृत
सीएम सुक्खू ने आगे बताया कि हमीरपुर में कैंसर अस्पताल के लिए 300 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जहां सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक बनाया जाएगा और 100 करोड़ रुपये की लागत से मदर एंड चाइल्ड अस्पताल का निर्माण भी किया जा रहा है. नादौन कॉलेज में अगले शैक्षणिक सत्र से भौतिक विज्ञान, जीव विज्ञान, वनस्पति विज्ञान के साथ एमसीए और एमबीए कोर्स भी शुरू किए जाएंगे और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए पांच लाख रुपये दिए जाएंगे.
मुख्यमंत्री ने कहा कि नादौन उनकी जन्मभूमि और कर्मभूमि दोनों है और आने वाले समय में इसे स्पोर्ट्स टूरिज्म का केंद्र बनाया जाएगा. खरीड़ी में 160 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक स्पोर्ट्स सेंटर बनाया जा रहा है, जिसे जून तक पूरा करने का लक्ष्य है. इसके अलावा ब्यास नदी पर 300 करोड़ रुपये की लागत से रिवर फ्रंट, 80 करोड़ रुपये से रिवर राफ्टिंग सेंटर और 100 करोड़ रुपये से वेलनेस सेंटर स्थापित किया जाएगा, जबकि नादौन विधानसभा क्षेत्र में इसी सत्र से नौ सीबीएसई स्कूल शुरू होंगे. उन्होंने बताया कि हमीरपुर में 300 करोड़ रुपये की लागत से नया बस अड्डा बनाया जा रहा है और प्रदेश में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पानी की गुणवत्ता सुधार पर 1500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.
साल 2022 विधानसभा चुनाव में इसी कॉलेज ने प्रदेश की सेवा का अवसर दिया
अपने छात्र जीवन और राजनीतिक सफर को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि साल 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान इसी कॉलेज में मतगणना के समय उनके लिए भावनात्मक क्षण थे और जनता के आशीर्वाद से उन्हें प्रदेश की सेवा का अवसर मिला. उन्होंने कहा कि पद एक होता है लेकिन चाहने वाले कई होते हैं और भाग्य के साथ से उन्हें मुख्यमंत्री बनने का मौका मिला. उन्होंने बताया कि वह कांग्रेस के सबसे लंबे समय तक अध्यक्ष रहे और उनसे पहले डॉ. यशवंत सिंह परमार की पत्नी विद्या डांग 6 साल 10 महीने तक अध्यक्ष रही थीं. उन्होंने कहा कि देश में शायद ही कोई जिला होगा जहां से दो मुख्यमंत्री बने हों, बीजेपी से प्रो. प्रेम कुमार धूमल मुख्यमंत्री रहे और अब यह सौभाग्य उन्हें मिला है.
बीजेपी ने चुनाव जीतने के लिए पांच हजार करोड़ रुपये बांटे, फिर भी हारी
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली बीजेपी सरकार ने चुनाव जीतने के लिए पांच हजार करोड़ रुपये बांटे, फिर भी उसे हार का सामना करना पड़ा. उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार के समय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा में हिमाचल प्रदेश 21वें स्थान पर पहुंच गया था, लेकिन व्यवस्था परिवर्तन के बाद अब राज्य पांचवें स्थान पर आ गया है. उन्होंने बताया कि डॉ. वाईएस परमार विद्यार्थी ऋण योजना के तहत छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए 20 लाख रुपये तक का ऋण एक प्रतिशत ब्याज दर पर दिया जा रहा है और इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना के तहत विधवा महिलाओं के बच्चों की उच्च शिक्षा का खर्च सरकार उठा रही है.
अनाथ बच्चों को चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट के रूप में अपनाकर उनकी देखभाल के लिए कानून बनाने वाला हिमाचल प्रदेश देश का पहला राज्य बना है. उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के रास्ते बंद कर 3800 करोड़ रुपये अर्जित किए गए हैं, जिससे समाज के हर वर्ग के लिए योजनाएं बनाई जा रही हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाला समय हिमाचल के युवाओं का है और राज्य को साल 2027 तक आत्मनिर्भर तथा 2032 तक देश का सबसे समृद्ध राज्य बनाने का लक्ष्य है. उन्होंने कहा कि बीजेपी इसका मजाक उड़ाती है लेकिन सरकार प्रदेश के लोगों का भविष्य संवारने के लिए प्रतिबद्ध है.
उन्होंने बताया कि पिछली बीजेपी सरकार को आरडीजी और जीएसटी कंपनसेशन के रूप में 70 हजार करोड़ रुपये मिले थे जबकि वर्तमान सरकार को आरडीजी के रूप में केवल 17 हजार करोड़ रुपये मिले हैं. उन्होंने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 275(1) के तहत मिलने वाला आरडीजी बंद कर दिया गया है और इसकी बहाली के लिए वह बीजेपी नेताओं के साथ दिल्ली जाने को भी तैयार हैं, लेकिन वे तैयार नहीं हुए. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बिजली परियोजनाओं से 50 प्रतिशत रॉयल्टी की मांग कर रही है, जिसका भी बीजेपी विरोध कर रही है.
बीजेपी ने विधायकों की खरीद कर सरकार गिराने की कोशिश की
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश पर पुरानी पेंशन योजना बंद करने का दबाव है लेकिन सरकार कर्मचारियों के बेहतर भविष्य के लिए ओपीएस से पीछे नहीं हटेगी. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने विधायकों की खरीद कर सरकार गिराने की कोशिश की, लेकिन देवी-देवताओं और जनता के आशीर्वाद से कांग्रेस के फिर 40 विधायक हो गए. उन्होंने कहा कि सरकार हर चुनौती का सामना युद्ध की तरह कर रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के बाद स्वास्थ्य क्षेत्र सरकार की दूसरी प्राथमिकता है. उन्होंने बताया कि आईजीएमसी शिमला में 19 साल पुरानी एमआरआई मशीन की जगह अब थ्री टेस्ला मशीन लगाई गई है और एम्स दिल्ली की तर्ज पर सभी मेडिकल कॉलेजों में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं.
प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों में आदर्श स्वास्थ्य संस्थान बनाए गए हैं, जहां विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध हैं ताकि लोगों को घर के पास ही बेहतर इलाज मिल सके. उन्होंने कहा कि बेटियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाने के लिए पूरे प्रदेश में एचपीवी टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है और हिमाचल प्रदेश सरकार देश की पहली न्यूट्रीशन पॉलिसी भी लेकर आ रही है. कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने नादौन राजकीय महाविद्यालय में 17.22 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले बहुद्देश्यीय हॉल का शिलान्यास भी किया.