हिमाचल प्रदेश राज्य सचिवालय में आयोजित मंत्रिमंडल की अहम बैठक में कई बड़े और दूरगामी फैसले लिए गए हैं. इस बैठक में प्रदेश में बढ़ते नशे के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए ‘चिट्टे’ (सिंथेटिक ड्रग) के काले कारोबार में संलिप्त लोगों के पंचायत चुनाव लड़ने पर रोक लगाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है. इसके साथ ही स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर भी मुहर लगाई गई है.
कैबिनेट ने पंचायती राज संस्थाओं को नशा मुक्त और स्वच्छ बनाने के लिए एक कड़ा फैसला लिया है. जिनके खिलाफ चिट्टे (सिंथेटिक ड्रग) के मामले दर्ज हैं या जिनकी चार्जशीट कोर्ट में दाखिल हो चुकी है, वे अब पंचायत चुनाव नहीं लड़ सकेंगे.
सबसे अहम बात यह है कि चुनाव लड़ने से अयोग्य ठहराने के लिए कोर्ट से ‘दोषी’ करार दिया जाना जरूरी नहीं होगा, केवल चार्जशीट फाइल होना ही पर्याप्त होगा. हालांकि, मादक पदार्थ निषेध अधिनियम (NDPS) के तहत अन्य (गैर-सिंथेटिक) मामलों के आरोपियों को फिलहाल इस नियम से बाहर रखा गया है. इस फैसले को कानूनी अमलीजामा पहनाने के लिए राज्य सरकार आगामी विधानसभा सत्र में एक विधेयक (Bill) पेश करेगी.
पंचायत चुनावों की तैयारियां तेज
प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं की त्रिस्तरीय प्रणाली के तहत चुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं. वर्तमान में परिसीमन की प्रक्रिया, मतदाता सूचियां और आरक्षण रोस्टर तैयार करने का काम चल रहा है. सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के अनुसार, राज्य में 31 मई से पहले पंचायत चुनाव संपन्न करवाए जाने हैं.
स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में बड़े सुधार
कैबिनेट बैठक में चिकित्सा और शिक्षा सुविधाओं को अपग्रेड करने के लिए भी कई महत्वपूर्ण मंजूरियां दी गईं. सीबीएसई (CBSE) से संबद्ध सरकारी स्कूलों का अब एक अलग कैडर होगा. पहले इसके लिए 134 स्कूल तय किए गए थे, जिनकी संख्या बढ़ाकर अब 151 कर दी गई है. प्रदेश के तीन प्रमुख मेडिकल कॉलेजों- IGMC (शिमला), हमीरपुर और नेर चौक मेडिकल कॉलेज में नए ‘बायो फिजिक्स विभाग’ खोलने को मंजूरी दी गई है. टांडा मेडिकल कॉलेज के लिए अत्याधुनिक पेट स्कैन (PET Scan) मशीन की खरीद को भी हरी झंडी मिल गई है. साथ ही, मेडिकल कॉलेजों में इंटर-कॉलेज बनाने को भी मंजूरी दी गई है.
रसोई गैस की किल्लत दूर करने के लिए ‘सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन’
प्रदेशवासियों को घरेलू गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. भविष्य में रसोई गैस की किल्लत न हो, इसके लिए ‘सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम’ (City Gas Distribution System) को और अधिक मजबूत और सुदृढ़ करने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने अपनी मंजूरी दे दी है.