हरियाणा में राज्यसभा की दो सीट के लिए सोमवार को मतदान जारी है. यहां भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी), भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का एक-एक उम्मीदवार और एक निर्दलीय उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं. राज्य सभा चुनाव के लिए मतदान के बीच कांग्रेस सांसद वरुण चौधरी का बयान आया है. उन्होंने कहा है कि भाजपा ने हमारे विधायकों को तोड़ने की कोशिश की है. एबीपी न्यूज़ से बात करते हुए चौधरी ने कहा कि हमारे कुछ विधायकों के पास राज्यसभा चुनाव के दौरान बीजेपी उम्मीदवार के पक्ष में वोट करने के लिए फोन आए थे.
इन दो सीट पर बीजेपी के संजय भाटिया, कांग्रेस के करमवीर सिंह बौद्ध और निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल चुनाव लड़ रहे हैं. बीजेपी दूसरी सीट पर नांदल का समर्थन कर रही है. नांदल ने 2019 के विधानसभा चुनावों में बीजेपी उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था लेकिन वह हार गए थे. मतदान सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक होगा और मतगणना शाम पांच बजे के बाद शुरू होगी.
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, मंत्री श्याम सिंह राणा समेत बीजेपी के अन्य विधायक – कृष्णा गहलावत, मूल चंद शर्मा और राम कुमार गौतम ने सबसे पहले अपने मताधिकार का उपयोग किया.
हरियाणा राज्यसभा चुनाव के लिए क्या है नंबर गेम?
हरियाणा की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने मतदान से पहले शुक्रवार को अपने विधायकों को हिमाचल प्रदेश भेज दिया था. हरियाणा विधानसभा में कांग्रेस के 37 विधायक हैं.
कांग्रेस के पास 37 विधायक होने का मतलब यह है कि उसके पास अपने उम्मीदवार को सीट जिताने के लिए आवश्यक संख्या बल है. हालांकि, ‘क्रॉस-वोटिंग’ की स्थिति में समीकरण बदल सकता है.
हरियाणा विधानसभा के 90 सदस्यों में से सत्ताधारी बीजेपी के 48 विधायक हैं, इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के दो विधायक हैं, जबकि तीन निर्दलीय विधायक हैं.
हरियाणा से राज्यसभा में पहुंचने के लिए दोनों उम्मीदवारों में से प्रत्येक को 31 मतों की आवश्यकता है. हरियाणा में बीजेपी सदस्य किरण चौधरी और राम चंद्र जांगड़ा का कार्यकाल नौ अप्रैल को पूरा होने वाला है तथा इसके साथ ही यहां राज्यसभा की दो सीट रिक्त हो रही है.