हरियाणा प्रदेश महिला कांग्रेस की महासचिव सुचित्रा देवी को पार्टी ने संगठन से निष्कासित कर दिया है. बता दें कि हाल ही में उन्होंने विधानसभा चुनाव का टिकट देने के बदले पैसे मांगे जाने का आरोप लगाया था जिसके बाद ये खबर सामने आ रही है. हरियाणा महिला कांग्रेस की अध्यक्ष पर्ल चौधरी ने उन्हें संगठन से हटाने का आदेश जारी किया.
संगठन की कार्रवाई और नेताओं का बयान
कांग्रेस संगठन ने आरोपों को गंभीरता से लेते हुए सुचित्रा देवी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की है. हरियाणा महिला कांग्रेस की अध्यक्ष पर्ल चौधरी ने आदेश जारी कर उन्हें संगठन से निष्कासित कर दिया. चौधरी को हाल ही में पिछले महीने महिला कांग्रेस का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था.
इससे पहले कांग्रेस की हरियाणा इकाई के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया था. उन्होंने कहा कि सुचित्रा देवी और उनके पति से टिकट के बदले पैसे मांगे जाने के आरोप “बेबुनियाद” हैं.
क्या है पूरा मामला?
दरअसल सुचित्रा देवी और उनके पति गौरव कुमार ने हाल ही में इंटरनेट मीडिया पर एक वीडियो जारी किया था. इस वीडियो में उन्होंने कांग्रेस के कुछ नेताओं पर विधानसभा चुनाव का टिकट देने के बदले रुपये मांगने का आरोप लगाया था. वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में यह मामला चर्चा का विषय बन गया.
गौरव कुमार ने इस मामले में कार्रवाई की मांग करते हुए दिल्ली के पुलिस कमिश्नर को तीन पेज का पत्र भी भेजा. इस पत्र में उन्होंने कथित तौर पर कांग्रेस नेताओं को टिकट के लिए दिए गए पैसों का पूरा विवरण होने का दावा किया है. मामले को लेकर जांच की मांग भी उठाई गई है.
सुचित्रा देवी का पक्ष
सुचित्रा देवी का कहना है कि उन्होंने करीब 12 दिन पहले ही महिला कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था. उनके अनुसार यह इस्तीफा अभी तक औपचारिक रूप से मंजूर नहीं किया गया था. उन्होंने यह भी कहा कि आरोप सामने आने के बाद पार्टी की ओर से उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है. इसके साथ ही वे लगातार सोशल मीडिया पर कांग्रेस के खिलाफ मुखर होकर पैसे लेने का आरोप लगा रही हैं.
फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर कांग्रेस संगठन की ओर से आरोपों को सिरे से खारिज किया जा चुका है.