उत्तर प्रदेश के हापुड़ जनपद में होली के दिन हुई विजय केवट की सनसनीखेज हत्या का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है. पुलिस की जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि इस हत्याकांड को किसी पुरानी रंजिश के चलते नहीं, बल्कि महज ‘रोडरेज’ (सड़क पर हुए विवाद) के कारण अंजाम दिया गया था.
बहादुरगढ़ थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वारदात में शामिल मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसके दो अन्य फरार साथियों की सरगर्मी से तलाश की जा रही है.
CCTV फुटेज से मिला हत्यारों का सुराग
गढ़मुक्तेश्वर की क्षेत्राधिकारी (CO) स्तुति सिंह ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 4 मार्च (होली) को बहादुरगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम पूठ में विजय केवट नामक युवक की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस अंधी हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस ने घटनास्थल और भागने के संभावित रास्तों पर लगे दर्जनों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली. फुटेज के विश्लेषण में एक बाइक पर सवार तीन संदिग्ध युवक भागते हुए दिखाई दिए, जिससे पुलिस की जांच को सही दिशा मिली.
हथियार और बाइक के साथ मुख्य आरोपी गिरफ्तार
सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर की सटीक सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मुख्य आरोपी आशू (पुत्र प्रेमचंद, निवासी आलमनगर, थाना बहादुरगढ़) को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने अभियुक्त की तलाशी और निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किया गया एक अवैध तमंचा, दो जिंदा कारतूस और एक मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली है.
रोडरेज बना हत्या का कारण, दो की तलाश तेज
सीओ स्तुति सिंह के अनुसार, पुलिस की सख्त पूछताछ में आरोपी आशू ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है. आशू ने बताया कि घटना वाले दिन सड़क पर हुए अचानक विवाद (रोडरेज) के चलते उन्होंने तैश में आकर विजय केवट को गोली मार दी थी.
आशू ने यह भी बताया कि वारदात के वक्त बाइक पर उसके साथ दो अन्य युवक भी शामिल थे, जिनकी पहचान अमित मावी (पुत्र राजकुमार, निवासी बुलंदशहर) तेजिंदर उर्फ तेजी (निवासी बुलंदशहर) के रूप में हुई है. वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों मौके से फरार हो गए थे. सीओ ने स्पष्ट किया कि फरार दोनों नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं और जल्द ही उन्हें भी सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा.