उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में सिस्टम की लापरवाही का एक दर्दनाक मामला सामने आया है. जहां ढाई साल की मासूम बच्ची की खुले नाले में गिरने से मौत हो गई. बताया जा रहा है कि यह हादसा तीन दिन पहले धौलाना तहसील क्षेत्र के सपनावत गांव में हुआ. घटना के बाद से परिवार में मातम का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
मृतक बच्ची के परिजनों का आरोप है कि गांव में लंबे समय से खुला नाला लोगों के लिए खतरा बना हुआ था. जिसकी शिकायत कई बार अधिकारियों और ग्राम प्रधान से की गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई. परिजनों का कहना है कि अगर समय रहते नाले को ढक दिया जाता, तो मासूम की जान बच सकती थी. अब परिवार जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है.
नाले में गिरकर ढाई वर्षीय बच्ची की मौत
जानकारी के अनुसार, हापुड़ के धौलाना तहसील क्षेत्र अंतर्गत गांव सपनावत निवासी गौरव कुमार की ढाई वर्षीय बच्ची सिद्धि घर के बाहर बच्चों के साथ खेल रही थी. जबकि बच्ची की दादी और बाबा पशुओं का दूध काढ़ने के लिए घेर पर गए थे. बताया जा रहा है कि इसी दौरान मासूम बच्ची सिद्धि खेलते खेलते खुले हुए गहरे नाले में गिर गई और उसकी नाले में डूबने से मौत हो गई. परिवार के लोगों को इसकी जानकारी तब हुई, जब मासूम बच्ची सिद्धि काफी देर तक घर नहीं पहुंची. इस पर उन्होंने जब बच्ची को तलाशना शुरू किया, तो नाली में बच्ची का शव पड़ा हुआ था. जिसे देखकर परिवार के लोगों में कोहराम मच गया.
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परिवार विभाग पर लगा रहा लापरवाही का आरोप
मृतक बच्ची के पिता गौरव ने बताया कि गांव में खुले पड़े नाले को ढकने के लिए वह कई बार गांव के प्रधान और सचिव के पास गये थे. शिकायती पत्र लिखकर उन्होंने मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी कई बार कंप्लेंट की, लेकिन नाले की साफ सफाई तो करा दी गई, पर उसे कवर करने का कोई इंतजाम नहीं किया गया. जिसकी वजह से उनकी ढाई साल की मासूम बच्ची की मौत हो गई. मृतक बच्ची के पिता गौरव ने अपनी बच्ची की मौत का आरोप सिस्टम के लापरवाह और जिम्मेदार अफसरों पर लगाते हुए उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की है. इसके लिए मुख्यमंत्री से शिकायत की है. अब देखना यह होगा कि मासूम बच्ची की मौत के बाद लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ किस तरह की कार्रवाई की जाएगी.
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