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Gurugram News: गुरुग्राम में प्रॉपर्टी खरीदना होगा महंगा, सर्कल रेट में 75 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव

गुरुग्राम में प्रॉपर्टी खरीदने वालों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है. जिला प्रशासन ने वर्ष 2026-27 के लिए कलेक्टर रेट यानी सर्कल रेट का प्रस्ताव सार्वजनिक कर दिया है. अब आम लोग इन दरों को देख सकते हैं और अपनी आपत्तियां व सुझाव प्रशासन तक पहुंचा सकते हैं.

जिला राजस्व अधिकारी विजय यादव ने बताया कि हरियाणा सरकार के निर्देशों के तहत इन नई दरों को 1 अप्रैल 2026 से लागू करने की तैयारी की जा रही है. डीसी अजय कुमार के मार्गदर्शन में तहसीलों और उप-तहसीलों से मिले प्रस्तावों को जिला की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और लोग अपनी राय दे सकें.

लोगों को दिया गया सुझाव देने का मौका

प्रशासन ने इस बार लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने की कोशिश की है. नागरिक अपने सुझाव संबंधित तहसील कार्यालय में जाकर दे सकते हैं या फिर डीसी कार्यालय के एचआरए शाखा में जमा कर सकते हैं.

इसके अलावा ईमेल के माध्यम से भी अपनी आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है. हालांकि, सुझाव देने की अंतिम तारीख सोमवार शाम तक तय की गई थी, जिसके बाद अब प्रशासन अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में जुट गया है.

75 प्रतिशत तक बढ़ सकते हैं सर्कल रेट

इस बार प्रस्तावित बढ़ोतरी काफी बड़ी मानी जा रही है. गुरुग्राम के कई प्रमुख रिहायशी और व्यावसायिक इलाकों में सर्कल रेट में 75 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा गया है.

इसका सीधा असर यह होगा कि आने वाले समय में इन क्षेत्रों में प्रॉपर्टी खरीदना पहले से कहीं ज्यादा महंगा हो जाएगा. गौर करने वाली बात यह है कि पिछले 16 महीनों में यह तीसरा संशोधन है, जिससे साफ है कि प्रशासन बाजार के बढ़ते दामों के साथ तालमेल बैठाने की कोशिश कर रहा है.

प्रीमियम और पुराने इलाकों पर सबसे ज्यादा असर

इस बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा असर उन इलाकों पर पड़ेगा जो पहले से महंगे माने जाते हैं. डीएलएफ फेज-5 जैसे लग्जरी क्षेत्रों में 75 प्रतिशत तक वृद्धि का प्रस्ताव है. वहीं सिकंदरपुर घोषी, वजीराबाद और गरही हरसारू जैसे गांवों में भी इतनी ही बढ़ोतरी की बात कही गई है.

पुराने कमर्शियल हब जैसे सदर बाजार और सेक्टर-14 भी इससे अछूते नहीं रहेंगे. इसका मतलब यह है कि अब सिर्फ पॉश इलाकों ही नहीं बल्कि पारंपरिक और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में भी प्रॉपर्टी खरीदना महंगा हो जाएगा.

द्वारका एक्सप्रेसवे बना नया हॉटस्पॉट

द्वारका एक्सप्रेसवे के आसपास के क्षेत्रों में भी तेजी से विकास हो रहा है और यहां सर्कल रेट में 30 से 45 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी का प्रस्ताव है. इन क्षेत्रों को भविष्य के रियल एस्टेट हब के रूप में देखा जा रहा है. हालांकि, राहत की बात यह है कि कृषि भूमि के सर्कल रेट में फिलहाल कोई बदलाव प्रस्तावित नहीं किया गया है, जिससे किसानों पर सीधा असर नहीं पड़ेगा.

प्रशासन ने कुछ इलाकों में संतुलित रुख अपनाया है. सिविल लाइंस क्षेत्र में कुछ जगहों पर कमर्शियल रेट बढ़ाए जाएंगे, जबकि रिहायशी दरों को फिलहाल स्थिर रखा गया है. वहीं गॉल्फ कोर्स रोड और गॉल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड जैसे प्रीमियम इलाकों में मध्यम स्तर की बढ़ोतरी का प्रस्ताव है, जिससे इन क्षेत्रों में निवेश का संतुलन बना रहे.

लग्जरी प्रॉपर्टी भी होगी महंगी

गुरुग्राम के अल्ट्रा लग्जरी प्रोजेक्ट्स पर भी इस बढ़ोतरी का असर पड़ेगा. कैमेलियास, मैग्नोलियास और अरालियास जैसे हाई-एंड प्रोजेक्ट्स के कलेक्टर रेट में भी इजाफा प्रस्तावित है. इससे साफ है कि सिर्फ मिडिल क्लास ही नहीं, बल्कि हाई-इनकम ग्रुप के खरीदारों को भी ज्यादा कीमत चुकानी पड़ेगी.

कलेक्टर रेट वह न्यूनतम मूल्य होता है जिस पर किसी प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री की जाती है. इसी आधार पर स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस तय होती है. जब यह दर बढ़ती है तो प्रॉपर्टी खरीदने की कुल लागत भी बढ़ जाती है. इसलिए इस तरह के बदलाव का सीधा असर आम खरीदार की जेब पर पड़ता है.

बाजार के साथ तालमेल की कोशिश

गुरुग्राम में पिछले कुछ समय में प्रॉपर्टी की बाजार कीमतों में तेजी से उछाल आया है, खासकर महामारी के बाद. सरकार का उद्देश्य इन सर्कल रेट को बाजार दरों के करीब लाना है ताकि रजिस्ट्रेशन में पारदर्शिता बनी रहे और राजस्व में भी वृद्धि हो सके.

क्या होगा आम लोगों पर असर

इस फैसले का सबसे बड़ा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो घर खरीदने की योजना बना रहे हैं. उन्हें अब ज्यादा कीमत चुकानी पड़ेगी और रजिस्ट्रेशन का खर्च भी बढ़ जाएगा. हालांकि, जिन लोगों के पास पहले से प्रॉपर्टी है, उनके लिए यह बढ़ोतरी फायदेमंद साबित हो सकती है क्योंकि उनकी संपत्ति की कीमत बढ़ेगी.

गुरुग्राम में कलेक्टर रेट में प्रस्तावित बढ़ोतरी रियल एस्टेट सेक्टर में बड़ा बदलाव लेकर आ सकती है. जहां सरकार बाजार के हिसाब से दरें तय करने की कोशिश कर रही है, वहीं आम लोगों के लिए घर खरीदना और महंगा हो सकता है. अब देखना होगा कि अंतिम रूप से दरें क्या तय होती हैं और इसका बाजार पर कितना असर पड़ता है.

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