ग्रेटर नोएडा वेस्ट में लिफ्ट रुकने के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. एक बार फिर ग्रेटर नोएडा वेस्ट की हिमालय प्राईड सोसाइटी के टावर ए में लिफ्ट अचानक बीच रास्ते में अटक गई. जिसमें कई छोटे-छोटे बच्चे और महिलाएं भी मौजूद थी. बताया जा रहा है कि यह सभी बच्चे कन्या पूजन में शामिल होने के लिए दूसरे टावर में जा रहे थे. तभी लिफ्ट अचानक बंद होगी और सभी लोग उसमें कैद हो गए. लिफ्ट के रुकते ही छोटे बच्चे और महिलाएं घबरा गई और जोर-जोर से मदद के लिए चिल्लाने लगी, लेकिन कोई भी सुरक्षाकर्मी और मेंटेनेंस कर्मचारियों उनकी आवाज सुनकर नहीं आया.
लिफ्ट में फंसे लोगों का आरोप है कि अलार्म बटन दबाने के बाद भी काफी देर तक कोई मदद नहीं मिली. जिससे लिफ्ट में फंसे लोगों को सांस लेने में परेशानी होने लगे, वही छोटे-छोटे बच्चे डर के कारण जोर-जोर से रोने लगे.
लिफ्ट में कई देर तक फंसे रहे महिलाएं और बच्चे
सोसाइटी के निवासियों का आरोप है कि लिफ्ट काफी देर तक बीच में रुकी रही, जिससे अंदर फंसे लोगों की हालत बिगड़ने लगी. छोटे बच्चे डर के कारण जोर-जोर से रोने लगे. लिफ्ट के अंदर से लगातार आवाज आनी शुरू हो गई, जब टावर में मौजूद अन्य लोगों ने यह शोर सुना तो मौके पर भीड़ जमा हो गई. हर कोई किसी तरह फंसे लोगों को निकालने की कोशिश में जुट गया, लेकिन लिफ्ट पूरी तरह जाम हो चुकी थी. कडी मशक्कत के बाद मेंटेनेंस कर्मचारियों और लिफ्ट स्टाफ कर्मचारियों ने लिफ्ट को खोलकर सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला. लिफ्ट से बाहर निकलते ही कई बच्चों की हालत रोने के कारण खराब हो गई थी, जबकि महिलाओं को बाहर निकाल कर एक तरफ बैठाया और पानी पिलाया गया. थोड़ी देर बाद जाकर सभी लोगों ने राहत की सांस ली.
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सोसायटी में पहले भी हो चुकी है ऐसी घटना- सीमा भंडारी
सोसायटी की एओए प्रेसिडेंट सीमा भंडारी ने बताया कि यह कोई पहली घटना नहीं है इससे पहले भी कई बार लिफ्ट के अचानक बंद होने और फंसने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं. 7 मार्च को टावर ए की एक लिफ्ट अचानक नीचे गिरने जैसी स्थिति में आ गई थी. इसके अगले दिन 8 मार्च को भी कई बार लिफ्ट में लोग फंस गए थे. इन घटनाओं के बाद भी ना तो बिल्डर ने मेंटेनेंस सुधार और ना ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए.
हिमालय प्राईड सोसाइटी में करीब 1100 से अधिक परिवार रहते हैं जिनमें बच्चे बुजुर्ग और बीमार लोग भी शामिल हैं. लिफ्ट का बार-बार खराब होना उनकी सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन गया है. इस घटना में सभी लोग सुरक्षित बाहर निकल आए, लेकिन यह साफ हो गया है कि सोसायटी की लिफ्ट व्यवस्था पूरी तरह से लापरवाही का शिकार है. बार-बार हो रही घटनाओं और शिकायतों के बावजूद कार्रवाई न होना एक बड़ा सवाल खड़ा करता है. अगर समय रहते सुधार नहीं किया गया तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है.
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