उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले की नवाबगंज पुलिस ने किसानों के साथ धोखाधड़ी करने वाले एक शातिर अंतरराज्यीय जालसाज गिरोह का भंडाफोड़ किया है. यह गिरोह किसानों से फाइनेंस पर ट्रैक्टर खरीदवाकर उन्हें रेलवे में अटैच (किराए पर लगाने) का लालच देता था और फिर उन ट्रैक्टरों को दूसरे जिलों में बेच देता था. पुलिस ने गैंग के सरगना समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 7 ट्रैक्टर बरामद किए हैं.
क्या था ठगी का शातिर तरीका ?
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में ठगी के एक सुनियोजित नेटवर्क का खुलासा हुआ है:
- लालच: गैंग के सदस्य सीधे-सादे किसानों को झांसा देकर उनके नाम पर ट्रैक्टर फाइनेंस कराते थे.
- फर्जी एग्रीमेंट: किसानों को बताया जाता था कि उनके ट्रैक्टर रेलवे विभाग में काम पर लगाए जाएंगे, जिसके बदले उन्हें हर महीने 25,000 रुपये किराया मिलेगा.
- एडवांस पेमेंट से जीतते थे भरोसा: किसानों का भरोसा जीतने के लिए गैंग शुरुआत में ही 3 महीने का एडवांस किराया (75,000 रुपये) दे देता था.
- धोखाधड़ी: 3-4 महीने बीत जाने के बाद गैंग न तो किराया देता था और न ही ट्रैक्टर वापस करता था. इसके बजाय, वे ट्रैक्टरों को दूसरे जिलों में ले जाकर अच्छे मुनाफे में बेच देते थे.
ऐसे खुला राज और हुई कार्रवाई
इस मामले का खुलासा तब हुआ जब गोंडा के तुलसीपुर माझा निवासी अनीश कुमार, छोटू यादव, हृदयराम और अमेठी निवासी प्रभावती ने नवाबगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई. पीड़ितों ने बताया कि जब वे अपना ट्रैक्टर और किराया मांगने लखनऊ (स्कूटर इंडिया चौराहे के पास) गए, तो आरोपियों ने उनके साथ गाली-गलौज की और ट्रैक्टर वापस देने से साफ इनकार कर दिया.
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी गोंडा ने विशेष टीमों का गठन किया. पुलिस ने विवेचना के दौरान मास्टरमाइंड कुलदीप सिंह को प्रतापगढ़ से गिरफ्तार किया. उसकी निशानदेही पर बाकी तीन आरोपियों को लखनऊ के बख्शी का तालाब इलाके से धर दबोचा गया.
गिरफ्तार आरोपी और उनकी भूमिका
पुलिस ने इस अंतरराज्यीय गैंग के जिन 4 सदस्यों को गिरफ्तार किया है, उनके काम बंटे हुए थे:
- कुलदीप सिंह (निवासी प्रतापगढ़): गैंग का मास्टरमाइंड. यह अपने साथी दुर्गेश के साथ मिलकर किसानों को बहलाता था और फर्जी एग्रीमेंट करता था.
- सुभाष चंद्र यादव (निवासी बेवर, मैनपुरी): यह कुलदीप से ट्रैक्टर लेकर आगे खपाने का काम (ब्रोकर) करता था.
- रामजी शर्मा (निवासी छाता, मथुरा): सुभाष से ट्रैक्टर खरीदकर दूसरे किसानों को बेचता था.
- संदीप यादव (निवासी बड्डूपुर, बाराबंकी): रामजी शर्मा के साथ मिलकर ट्रैक्टरों को ऊंचे दामों पर बेचने का काम करता था.
ASP का बयान
एएसपी (पश्चिमी) राधेश्याम राय ने बताया, “नवाबगंज पुलिस ने फाइनेंस पर ट्रैक्टर खरीदकर धोखाधड़ी करने वाले गैंग का पर्दाफाश किया है. ये लोग किसानों को रेलवे में काम दिलाने का झांसा देकर ट्रैक्टर ले जाते थे. पुलिस ने सरगना समेत 4 लोगों को गिरफ्तार किया है और कुल 7 ट्रैक्टर बरामद किए जा चुके हैं. एक अन्य ट्रैक्टर की बरामदगी के प्रयास जारी हैं.”